अविवाहित मां और सिंगल पैरेंट के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट बनाना हुआ आसान

नई दिल्ली (23 दिसंबर): केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनबाने के नियम में भारी बदलाव किया है। इस बदलाव का मकसद पासपोर्ट को आम आदमी की सीधी पहुंच तक करने की कोशिश है और लोगों को कागजी पचरे से बचाना है।इसकी कड़ी में लिव इन रिश्ते या बगैर शादी के होने वाले बच्चों के लिए पासपोर्ट बनाने के नियम भी आसान कर दिये गये हैं। पासपोर्ट बनाने में जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उठने वाली समस्याओं के मद्देनजर इससे संबंधी नियमों को काफी उदार बना दिया गया है।

नए नियम समाज में हो रहे बदलाव के मुताबिक बनाये गये हैं। मसलन, पासपोर्ट आवेदन के लिए माता व पिता दोनों का नाम लिखना अनिवार्य नहीं है। इससे सिंगल पैरेंट्स के बच्चों को पासपोर्ट मिलने की राह खुल गई है। पासपोर्ट आवेदन करने में अभी 15 खाने भरते हैं जिसे घटा कर 9 नौ कर दिया गया है। कई तरह की सूचनाओं को स्वघोषित कर दिया गया है।

शादी शुदा और तलाकशुदा लोगों के लिए इन दोनों के प्रमाण पत्र पेश करने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। बेसहारा या अनाथालय में रहने वाले बच्चों के जन्म दिन के बारे में नया नियम यह हो गया है कि वे मैट्रिक के प्रमाण पत्र या किसी कोर्ट की तरफ से आदेश के मुताबिक दिए गए जन्म दिन को मान्य किया जाएगा। अविवाहित मां या लिव इन रिलेशनशिप से पैदा हुए बच्चों के लिए भी नियम आसान किये गये हैं।

पासपोर्ट के नियम में बड़े बदलाव...

- कई तरह के प्रपत्रों को जन्म दिन प्रमाणपत्र के तौर पर मिली मान्यता

- आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, चुनाव पहचान पत्र, एलआइसी के बांड्स को माना जाएगा जन्म प्रमाण पत्र

- सिंगल पैरेंट के बच्चों को भी मिलेगा पासपोर्ट

- शादीशुदा आवदेकों के लिए शादी का प्रमाण पत्र देना जरुरी नहीं

- तलाकशुदा आवेदकों के लिए पूर्व पति या पत्नी का नाम बताना जरुरी नहीं

- अविवाहित मां के बच्चों के पासपोर्ट बनाने के नियम भी आसान

- साधु, सन्यासियों के पासपोर्ट में मां-बाप के नाम की जगह अध्यात्मिक गुरू का नाम भी हो सकता दर्ज