रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, बढ़ी कन्फर्म टिकट की संभावना

नई दिल्ली (20 नवंबर): त्योहारों के दौरान लोगों को रेल में कन्फर्म टिकट मिलना बड़ा ही मुश्किल होता है, लेकिन इस बार दिवाली को रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों को चलाकर वेटिंग लिस्ट के टिकट कन्फ़र्म होने की दर को बढ़ाया है। यह बात कंसल्टिंग सर्विस कंपनी रेलयात्री की स्टडी में सामने आई है।

ऐप के जरिए रेल संबंधी और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली रेलयात्री डॉट इन के अध्ययन से यह भी पता चलता है कि स्लीपर क्लास में पिछले साल की तुलना में इस साल औसतन वेटिंग लिस्ट नीचे आई है। स्टडी रिपोर्ट के अनुसार दिवाली की छुट्टियों के दौरा देहरादून-हावड़ा दून एक्सप्रेस, पुणे-जम्मू तवी झेलम एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की ट्रेनों में टिकट पक्की होने की दर वर्ष 2016 में क्रमश: 38.50 फीसदी और 52.00 फीसदी थी। 2017 में यह दर क्रमश: 60.40 फीसदी और 64. 90 फीसदी हो गई। इसी तरह छत्रपति टर्मिनस से हावड़ा सुपरफाट मेल (गया के रास्ते) में टिकट पक्की होने की दर 2016 में 40.0 प्रतिशत के मुकाबले 2017 में दिवाली के दौरान 50.40 प्रतिशत हो गई।

इसी प्रकार, पुणे-जम्मूतवी झेलम एक्सप्रेस, पुणे-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और बेंगलुरु-दानापुर संघमित्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में भी टिकट पक्की होने की स्थिति सुधरी। स्टडी के अनुसार रेलवे में टिकट निरस्त कराने की दर पिछले दो साल से 18 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि शेष प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को पक्की टिकट मिली। वर्ष 2015 में वेटिंग लिस्ट के टिकटों के निरस्तीकरण की दर 25.5 प्रतिशत थी जो 2016 और 2017 में 18 प्रतिशत पर बरकरार है।

अध्ययन में यह भी कहा गया है स्लीपर श्रेणी में पिछले वर्ष की तुलना में इस साल औसतन वेटिंग लिस्ट नीचे आई है। इसके अनुसार अवकाश के दौरान, कोटा-पटना एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में 2016 में औसतन प्रतीक्षा सूची 813 थी जो 2017 में घटकर 735 पर आ गई। वहीं भागलपुर-मुंबई लोकमान्य तिलक सुपर फास्ट एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची 2017 में घटकर 727 पर आ गई जो 2016 में 736 थी।