इस्लामाबाद: हजारों पश्तूनों ने किया पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, मांगी आजादी

नई दिल्ली ( 4 फरवरी ): पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हजारों पश्तूनों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर आजादी मांग की है। पश्तून समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान में उनके खिलाफ होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन को मुद्दा बनाते हुए देश से अलग होने की मांग की। पश्तून प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए कह रहे थे कि पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसी ने संघीय प्रशासित आदिवासी इलाके (FATA) और अफगानिस्तान में आतंकवादियों को शरण दी है और आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके समुदाय के मानवाधिकारों का पाकिस्तान उल्लंघन कर रहा है और उन्हें आजादी मिलनी चाहिए। प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करते हुए पश्तूनों ने 13 जनवरी को कराची में फर्जी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए नकीब महसूद को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस ने नकीब पर आतंकी संगठनों जश्कर-ए-झांगवी और इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने के फर्जी आरोपों में केस दर्ज किए थे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान राज्य पोषित आतंकवाद का इस्तेमाल कर हमारे मानवाधिकारों का हनन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों पर खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान में आंतकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान पश्तून संस्कृति को खत्म करना चाहता है और आतंक के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाली लड़ाई को भी कमजोर कर रहा है। इस प्रदर्शन में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के करीब 10,000 पश्तून शामिल थे। 

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि पाक सरकार की ओर से फाटा क्षेत्र, वजीरिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बीते 15 साल से की जा रही बर्बरता के खिलाफ यह आंदोलन है। उन्होंने कहा कि हम आज ऐलान करते हैं कि अब हम पाकिस्तान की इस बर्बरता को और नहीं सहेंगे। 

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के विरोध में आवाज उठी है। इससे पहले भी पीओके, बलूचिस्तान और  गिलगित-बाल्टिस्‍तान में लोगों ने पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद की है। पिछले महीने पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हुआ था और लोगों ने 'ब्लैक डे' मनाया था।