मेरठ का प्रवीण या जैश का आबिद ?

शिव प्रकाश, मेरठ (17 जुलाई): घर की चौखट पर हाथ में तस्वीर लिए खड़ी एक महिला अपने पति के आने का इंतजार कर रही है। इंतजार भी कोई एक दो दिन से नहीं पूरे 10 साल से, लेकिन यहीं पर एक हैरान करने वाला ट्विस्ट है। महिला कह रही है कि तस्वीर में दिख रहा शख्स उसका पति है जबकि पुलिस का दावा है कि वो जैश-ए-मोहम्मद का खूंखार आतंकी है।

अब सवाल यहां ये उठता है कि क्या प्रविण पाकिस्तान जाकर जैश का आतंकी बन गया या पाकिस्तान का खूंखार आतंकी यहां नाम बदल कर प्रवीण के नाम से रह रहा था। घरवालों के मुताबिक दिल्ली पुलिस 10 साल पहले प्रवीण को उठाकर ले गई थी और बाद में आतंकी बनाकर पेश कर दिया। लेकिन पुलिस की दलील कुछ और ही है। पुलिस के मुताबिक ये पाकिस्तान का रहने वाला है। इसका नाम आबिद उर्फ़ फत्ते सफदर उर्फ़ अयूब है। इसके पिता का नाम मोहम्म्द रफीक है। घर का पता है मकान नंबर 23 गली नंबर 6 मजंग रोड, लाहौर और यह ये जैश-ए-मोहम्मद का खूंखार आतंकी है। लेकिन प्रवीण के पिता को पुलिस की किसी भी दलील पर विश्वास नहीं है।

ये मामला काफी पेचीदा हो गया है। पुलिस और घरवालों की दलील काफी अलग है। अगर परिजनो की बात सही है तो आबिद का डीएनए टेस्ट होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि वो जैश का आतंकी आबिद है या प्रवीण। डीएनए परिवार से मिल गया तो पुलिस के लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी। आखिर पुलिस एक इंसान को कैसे आतंकी बना सकती है वो भी पाकिस्तान का पता देकर। अभी मामला फंसा हुआ है और जांच के बाद ही सच सामने आएगा, क्योंकि मेरठ में एक पत्नी अपने पति का, एक पिता को अपने बेटे का और एक बहन को अपने भाई का इंतज़ार है और एक बेटे को अपने पिता का इंतज़ार है।