गोवा की राजनीति में वापस लौटने के सवाल को टाल गए पर्रिकर

नई दिल्ली ( 13 जनवरी ): गोवा विधानसभा चुनाव के बाद राज्‍य की राजनीति में वापस लौटने की संभावना के बारे में पूछे गये सवालों से रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर शुक्रवार को कन्‍नी काट गये। उन्‍होंने कहा कि जब ऐसा होगा तब देखा जाएगा। दरअसल, केंद्रीय मंत्री और चुनाव के लिए गोवा भाजपा के इन्चार्ज नितिन गडकरी ने गुरुवार को संकेत दिया था कि अगर चुनाव के बाद विधायक फैसला करते हैं तो पर्रिकर को गोवा का अगला सीएम बनाया जा सकता है।

इस बारे में पूछे जाने पर पर्रिकर ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं केवल यह कह सकता हूं कि जब समय आएगा तब देखा जाएगा। (नितिन) गडकरी जी ने जो कहा है मैं वही कहना चाहता हूं।' पर्रिकर, चुनाव के लिए नामांकन दायर करने जा रहे बीजेपी प्रत्याशी सिद्धार्थ कुनकोलिएनकर के साथ थे। सिद्धार्थ पणजी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार में मंत्री बनने से पहले इस सीट से पर्रिकर विधायक थे। पर्रिकर ने कहा कि सिद्धार्थ पिछली बार की तुलना में इस बार पणजी से भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में विकास चुनावी मुद्दा होगा।

गडकरी ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि गोवा का अगला मुख्यमंत्री निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा एक लोकतांत्रिक तरीके से चुना जाएगा। उन्होंने कहा था, 'वह नेता निर्वाचित प्रतिनिधियों में से हो सकता है या केंद्र से (किसी को) भी भेजा जा सकता है।' बार-बार पूछे जाने के बावजूद गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर और उनके कैबिनेट सहयोगी श्रीपाद यशो नाईक का नाम लिये बगैर गडकरी ने उनमें से किसी एक के नाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया था।

2012 के 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 21 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी ने राज्य में चार फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए अपने कैंडिडेट्स की पहली लिस्‍ट जारी कर दी है।