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आज से शुरू हो रहा है संसद का शीतकालीन सत्र, नागरिकता विधेयक समेत कई अहम बिल होंगे पेश, हंगामे के आसार

आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा। ये सत्र 18 नवंबर से लेकर 13 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी और कश्मीर के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार इस सत्र में 27 विधेयक पारित कराना चाहती है, लेकिन विपक्ष ने भी साफ कर दिया है कि बिना स्टैंडिंग समिति में चर्चा किये विधेयक पारित नहीं होगा

मनीष कुमार, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(18 नवंबर): आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा।  ये सत्र 18 नवंबर से लेकर 13 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी और कश्मीर के मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार इस सत्र में 27 विधेयक पारित कराना चाहती है, लेकिन विपक्ष ने भी साफ कर दिया है कि बिना स्टैंडिंग समिति में चर्चा किये विधेयक पारित नहीं होगा। इससे पहले रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। सरकार मौजूदा सत्र में करीब 27 बिल सदन से पास कराना चाहती है, जिसमें टैक्सेशन लॉ अमेंडमेंट बिल,  इलेक्ट्रानिक सिगरेट पर पाबंदी संबधी बिल, इंसाल्वेंसी एंड बैंकरप्सी सेकेंड अमेंडमेंट बिल, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी अमेंडमेंट बिल, नेशनल पुलिस युनिवर्सिटी बिल, सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल, नेशनल रिवर गंगा बिल, पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल शामिल है। वहीं सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष को भरोसा दिया कि उन सभी मुद्दों पर सत्र पर चर्चा होगी, जिसे विपक्ष उठाना चाहता है। हालांकि राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सरकार के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, संसद सत्र शुरू होने से पहले सर्वदलीय बैठक में हर बार प्रधानमंत्री भरोसा देते हैं कि विपक्ष को अपने मुद्दे उठाने का पूरा मौका दिया जाएगा मौका दिया जाएगा लेकिन ऐसा कभी होता नहीं।  

विपक्ष शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी, आर्थिक संकट, आम लोगों की हितों से जुड़े मुद्दों और कश्मीर के मुद्दे को सदन में उठाएगा। इसके अलावा विपक्ष ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला को शीतकालीन सत्र में शामिल होने की इजाजत देने की मांग की है। कांग्रेस ने पूर्व गृह मंत्री मंत्री और राज्यसभा सदस्य पी चिदंबरम को भी सदन की कार्यवाही में भाग लेने देने की मांग की है। वहीं विपक्ष के फारूक अब्दुल्ला के रिहाई की मांग पर संसदीय कार्य मंत्री कुछ भी खुल कर बोलने से बचते नजर आए, उन्होंने कहा कि सरकार इसे देखेगी।  30 सालों तक एनडीए की महत्वपूर्ण घटक दल रही शिवसेना इस बार शीतकालीन सत्र में विपक्षी खेमे में नजर आएगी। इससे एक बात तो जाहिर है कि इससे जहां विपक्ष का कुनबा मजबूत होगा वहीं एनडीए  कमजोर पड़ती नजर आएगी । शिवसेना को लोकसभा राज्यसभा में विपक्ष के साथ जगह अलॉट भी कर दिया गया है। सोमवार 18 नवंबर से शुरू होने जा रहा है संसद का शीतकालीन सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा।

शीतकालीन सत्र में ये बिल ला सकती है सरकार...

- कॉरपोरेट दर में कटौती संबंधी विधेयक 

- ई सिगरेट प्रतिबंध अध्यादेश पर विधेयक 

- किशोर न्याय (देखभाल और सुरक्षा) संशोधन विधेयक

- निजी डाटा सुरक्षा विधेयक

- वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण एवं कल्याण विधेयक

- राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय विधेयक

- केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक 

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