पीएम मोदी ने बेनामी संपत्त‍ि को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली (7 फरवरी): संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बेनामी संपत्ति का जिक्र किया। इसी के साथ उन्होंने विपक्ष के नेता मलिकाअर्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा। 

पीएम ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 1988 में आपने बेनामी संपत्ति का कानून बनाया। आपको जो ज्ञान आज हुआ है, क्या कारण था कि 26 साल तक उस कानून को नोटिफाई नहीं किया गया? क्यों उसे दबोच कर रखा गया? तब नोटिफाई कर देते तो 26 साल पहले की स्थिति ठीक थी। देश को साफ-सुथरा करने में योगदान हो जाता। वो कौन लोग थे, जिन्हें कानून बनने के बाद लगा कि इससे तो नुकसान हो जाएगा। आपको देश को जवाब देना पड़ेगा।

बेनामी संपत्ति का फिर जिक्र किया...

- मोदी ने कहा, ''हमारे खड़गेजी ने कहा कि कालाधन हीरे-जवाहरात, सोने-चांदी और प्रॉपर्टी में है। मैं आपकी बात से सहमत हूं। लेकिन ये सदन जानना चाहता है कि ये ज्ञान आपको कब हुआ? इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि भ्रष्टाचार की शुरुआत नकद से होती थी। परिणाम में प्रॉपर्टी-ज्वैलरी होती है। जरा बताइए कि 1988 में जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे, पंडित नेहरू से भी ज्यादा बहुमत दोनों सदनों में आपके पास था। पंचायत से पार्लियामेंट तक सब कुछ आपके कब्जे था।''

- ''1988 में आपने बेनामी संपत्ति का कानून बनाया। आपको जो ज्ञान आज हुआ है, क्या कारण था कि 26 साल तक उस कानून को नोटिफाई नहीं किया गया? क्यों उसे दबोच कर रखा गया? तब नोटिफाई कर देते तो 26 साल पहले की स्थिति ठीक थी। देश को साफ-सुथरा करने में योगदान हो जाता। वो कौन लोग थे, जिन्हें कानून बनने के बाद लगा कि इससे तो नुकसान हो जाएगा। आपको देश को जवाब देना पड़ेगा।"

- ''हमने कानून बनाया है। मैं आज इस सदन के जरिए देशवासियों को कहना चाहता हूं कि आप कितने ही बड़े क्यों ना हो, गरीब के हक का आपको लौटाना पड़ेगा। मैं इस रास्ते से पीछे लौटने वाला नहीं हूं। इस देश में प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन की कमी नहीं थी, लेकिन एक ऐसा वर्ग पनपा जो लोगों का हक लूटता रहा। इसलिए देश ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया।''