बेटे की वजह से मां-बाप ने मांगी इच्छा-मृत्यु

नई दिल्ली (12 जुलाई): दुनिया का हर मां-बाप अपने बच्चों को हर खुश देना चाहता है, लेकिन जब यही संतान अपने पैरों पर खड़ी हो जाती है तो वह इन्हें बोझ समझने लगे हैं। ऐसा हम आज इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जीवन भर मेहनत मजदूरी कर संतान को काबिल बनाने वाले वृद्ध दंपती नारायण व सुगना ने संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी के समक्ष उपस्थित होकर लिखित में सपत्नीक इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है।

चार बेटों के पिता, अस्थमा से पीडि़त नारायण अपने दो 'पुत्रों' की प्रताडऩा व मारपीट से परेशान है। नारायण (76) और उनकी पत्नी सुगना (71) ने बताया कि उनके चार पुत्र मदन, संतोष, सोहन व रामेश्वर, पुत्री पैनी, चार पौत्र, दस पौत्रियां व तीन नातिन सहित भरा पूरा परिवार है। गांव में 30 बीघा पैतृक जमीन भी है। जीवन में सभी सामाजिक उत्तरदायित्वों का बखूबी निर्वहन करने के बाद जब बड़े पुत्र मदन की सरकारी नौकरी लगी तो लगा कि तपस्या सफल होने लगी है। लेकिन नौकरी लगते ही पुत्र मदन ने मां बाप से बातचीत बंद कर पूरी तरह से किनारा कर लिया।

समाज व गांव के लोगों से इस बात पर पुत्र को उलाहना मिलने लगा तो उसने इसके लिए मां-बाप के व्यवहार को जिम्मेदार बता दिया। पहले तो सभी भाइयों को मां-बाप के खिलाफ उकसाना व धमकाना आरंभ किया। इनमें दो पुत्र रामेश्वर व सोहन ने मां बाप की सेवा करने का बीड़ा उठाया तो उन्हें भी जान से मारने की धमकियां देकर परेशान करने लगा। वृद्ध दंपती ने आरोप लगाया कि उनके दूसरे नम्बर के पुत्र संतोष ने भी बड़े पुत्र मदन के बहकावे में आकर 3 जुलाई को उनसे मारपीट की।