पेशेवर वॉलीबॉल प्लेयर्स की बैडमिंटन चैंपियन बेटी है सिंधु

नई दिल्ली (18 अगस्त): रियो ओलंपिक के बैडमिंटन के फायनल में पहुंची पीवी सिंधु ने 7-8 साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था और बैडमिंटन ही उनकी ज़िंदगी में सब कुछ था। सिंधु के माता-पिता पेशेवर वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को कभी वॉलीबॉल खेलने के लिए मजबूर नहीं किया।

पिता रमन्ना का कहना है कि वे बैडमिंटन के प्रति सिंधु की रुचि देखते हुए उसे ट्रेनिंग के लिए घर से 30 किलोमीटर दूर गाचीबौली ले जाते थे। सिंधु की ट्रेनिंग के लिए उन्हें रोज़ सुबह और शाम लगभग 120 किलोमीटर सफर करना पड़ता था, लेकिन कभी उनके पेशानी पर पसीना नहीं आया। उसी का नतीजा है कि सिंधु आज भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए तैयार है।