ऐंबुलेंस ने बीच रास्ते छोड़ा, बेटी का शव लेकर मीलों चले माता-पिता

नई दिल्ली(3 सितंबर): कालाहांडी में दाना मांझी की घटना फिर से दोहराई गई। एक दंपती को अपनी सात साल की बेटी का शव लेकर मीलों चलना पडा क्योंकि शव लेकर जा रहे ऐंबुलेंस ने कथित तौर पर बीच रास्ते में ही उन्हें छोड़ दिया।

- ऐंबुलेंस के ड्राइवर को जब यह पता चला कि वह लड़की मलकानगिरि जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मर गई है तो उसने कथित तौर पर लड़की के माता-पिता को ऐंबुलेंस से उतरने को कहा।

- मलकानगिरि में घुसापल्ली की वर्षा खेमुडु ने ऐंबुलेंस से मिथाली अस्पताल से मलकानगिरि अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। 

- लड़की के पिता ने कहा, 'ड्राइवर को रास्ते में उनकी बेटी के मरने के बारे में जैसे ही पता चला, उसने हमें ऐंबुलेंस से उतरने को कहा।'

- यह मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय लोगों ने खेमुडु और उसकी पत्नी द्वारा अपनी बेटी का शव ले जाते समय पूछताछ की। ग्रामीणों ने तब शव को उनके गांव ले जाने के लिए दूसरा वाहन उपलब्ध कराने के संबंध में स्थानीय बीडीओ और चिकित्सा अधिकारियों से संपर्क किया।