अस्पताल के सहारे हैं जन्म से जुड़ी वीणा और वाणी, मां-बाप ने छोड़ा, अब डॉक्टरों ने...

नई दिल्ली (16 जून): इस तस्वीर में जिन 13 वर्षीय वीणा और वाणी को आप देख रहे हैं। हैदराबाद की रहने वाली इन जुड़वा बच्चियों के सिर जन्म से ही आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसी अनोखी शारिरिक बनावट के साथ इन बच्चियों की जिंदगी कितनी मुश्किल होगी, इसकी कल्पना ही की जा सकती है। लेकिन जरा इनके माता-पिता के बारे में सोचिए। इनको अलग करने के लिए डॉक्टर्स ने कहा है कि ऐसी सर्जरी की कोई भी कोशिश इनकी जान ले सकती है। इसके चलते माता-पिता ने इन बच्चियों को अस्पताल के हवाले ही छोड़ दिया है।

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, ये लड़कियां नीलोफर चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में हैं। क्योंकि ये अब किशोरावस्था में प्रवेश कर रही हैं। इसके चलते इनकी देखभाल करना स्टाफ के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। यहां ये दोनों पिछले एक दशक से रह रही हैं। इन्हें अब अधिकारियों की तरफ से तेलंगाना सरकार के महिला विकास और बाल कल्याण विभाग की तरफ से चलाए जाने वाले एक होम में भेजा जाएगा।

इन बच्चियों के माता-पिता का नाम है- एन मुराली और नागलक्ष्मी। ये दोनों ही वारंगल जिले के बीरूसेट्टीगुडेम गांव के रहने वाले हैं और दैनिक दिहाड़ी पर काम करते हैं। मुराली और नागलक्ष्मी इन बच्चियों को अब घर नहीं ले जाना चाहते। नीलोफर हॉस्पिटल्स के सुपरींटेंडेंट डॉ. सुरेश कुमार ने बताया, "ऐसा लगता है, उन्होंने वीणा और वाणी को छोड़ दिया है। वे मुश्किल से ही अपनी बेटियों को देखने आते हैं।"

पिछले सप्ताह नई दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) की तरफ से न्यूरोसर्जन्स और रीकन्स्ट्रक्टिव सर्जन्स की एक टीम ने अस्पताल को सूचना दी, कि इन दोनों को अलग करने वाली सर्जरी काफी जोखिम भरी है।

सुरेश कुमार ने कहा, "उन्होंने हमें पिछले सप्ताह रिपोर्ट भेजी। जिसमें उन्होंने कहा कि सर्जरी जोखिमपूर्ण है, क्योंकि जुड़वा बच्चियों के सिर की बेहद अहम खून की नसें और नाड़ियां एक ही हैं। अगर सर्जरी की जाती है, तो यह असफल भी साबित हो सकती है। या उन्हें न्यूरोलॉजिकल डिसेबिलिटी भी दे सकती है।"

अस्पताल ने माता-पिता को संभावित परेशानियों के बारे में सूचना दे दी है। उन्होंने कहा, "अगर वे फिर भी आगे बढ़ना चाहते हैं, हम जोखिम लेने को तैयार हैं। अगर वे मना करते हैं, तो हम उनसे बच्चियों को घर ले जाने के लिए कहेंगे।" इनके माता-पिता को मंगलवार को अपनी राय देनी थी। लेकिन वे अभी नहीं आए।उन्हें थोड़ा और टाइम दिया जाएगा। ऐसे में अब अगर माता-पिता सर्जरी से मना कर देते हैं। तो वीणा और वाणी को अपने सिर को जुड़े रहने के साथ ही जीना पड़ेगा।