पैरा ओलंपियंस को सचिन ने किया सम्मानित

नई दिल्ली (3 अक्टूबर): रियो में हुए पैरालिंपिक खेलों में इतिहास रचकर लौटे चार भारतीय एथलीटों को भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने मुंबई में सम्मानित किया। सचिन के साथ कई कारोबारियों ने इन खिलाड़ियों की मदद के लिए एक कोष बनाने की भी बात कही। पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता देवेन्द्र झाझरिया जब आठ साल के थे तब उन्होंने पेड़ पर चढ़ने के दौरान बिजली के तार को छू लिया।

इस घटना में उनको एक हाथ गंवाना पड़ा। लेकिन उसके बाद वे पीछे नहीं मुड़े। साल 2004 में पहली बार पैरा ओलिंपिंक्स के लिए क्वॉलिफाई किया वहीं जैवलीन थ्रो में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। सोने का तमगा भी हासिल किया। साल 2016 रियो में उन्हें फिर सोना मिला।

सचिन से मिलने के बाद देवेन्द्र ने कहा सर मेरे आदर्श हैं। कई लोग कहते थे मैं 35 साल का हो गया हूं अब खेल न पाऊं। तब मैं उन्हें सचिन का उदाहरण देता था, क्योंकि उन्होंने काफी लंबे समय तक खेला है।" 12 साल पहले दीपा स्पाइनल ट्यूमर से जूझ रही थीं। उनका स्पाइनल ट्यूमर का तीन बार ऑपरेशन हो चुका है। शरीर में 183 टांके लग चुके हैं। वर्ष 2016 में रियो में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया। इस मौके पर दीपा ने पैरा-एथलीटों के संघर्ष के बारे में बात की।