एक बार फिर घूटने वाला है एनसीआर का दम, पराली जलाने पर अड़े पंजाब के किसान

न्यूज 24 ब्यूरो, विशाल एंग्रीश, संगरूर (11 अक्टूबर): दिल्ली- एनसीआर पर जहरीले धुएं का साया एक बार फिर मंडराने लगा है। पंजाब के किसानों ने पराली जलाने के ऐलान किया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर किसी अधिकारी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वो उसे भी बंधक बना लेंगे।एक बार फिर इस आग से उठी जहरीली हवा दिल्ली आने की तैयारी कर रही है। पराली जलाने पर रोक के बावजूद पंजाब के किसानों ने इसे जलाने का ऐलान किया है। यानी एक बात साफ है कि पराली पर किसान यूनियन सरकार से आरपार के मूड में हैं। एक तरफ पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने 1981 के एयर प्रवेंशन एंड एड कंट्रोल एक्ट को सख्ती से लागू करने का मन बनाया है तो दूसरी तरफ किसान अपनी मजबूरी का हवाला दे रहे हैं।किसानों का कहना है कि उन्हें दूसरी फसलों की तैयारी करनी है। उनके पास इतना पैसा और वक्त नहीं कि वो पराली को कहीं ओर ठिकाने लगा सके। मशीनों पर मिलने वाली सब्सिडी नाकाफी है। कृषि विशेषज्ञों की चिंता ये है कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और इसके नुकासन की जानकारी काफी नहीं है। सरकारों को किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी बढ़ानी चाहिए। जिससे पराली ना जलाने से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके।हालांकि पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से कई जगह सेमीनार का भी आयोजन किया जा रहा है। किसानों को पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण और इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है। वहीं प्रशासन की तरफ से दावा किया जा रहा है कि किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गये हैं, जो इसपर नजर रखेंगे।पिछले तीन साल में पराली जलाने को लेकर कई हजार लोगों पर केस दर्ज किया गया। कई लाख का जुर्माना लगाया गया है। बावूजद इसके पराली जलाने पर लगई रोक बेनतीजा साबित हो रही है। 2016 में 2414 केस दर्ज हुए जबकि 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं 2017 में 11005 केस दर्ज किए गए, जबकि 61 लाख का जुर्माना लगाया गया। वहीं 2018 में अब तक 363 केस दर्ज हुए जबकि 3 लाख रुपये का का जुर्माना लगाया गया है। 1981 में बनाए गए दि एयर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल एक्ट में 500 रुपये से 15000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।