पैराडाइज पेपर्स पर जयंत सिन्हा ने दी सफाई

नई दिल्ली(7 नवंबर): पैराडाइज पेपर्स में नाम आने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि किसी भी निजी उद्देश्य से कोई लेनदेन नहीं किया गया। 

- केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने सोमवार को कई ट्वीट्स के जरिए कहा कि उन्होंने कोई गलत हरकत नहीं की है। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कोई भी ट्रांजैक्शन 'निजी मकसद' से नहीं किया था। 

- पैराडाइज पेपर्स की जांच से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिन्हा ने ओमिडियर नेटवर्क के भारत में मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम किया था। ओमिडियर नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी डी.लाइट डिजाइन में निवेश किया था, जिसकी एक सब्सिडियरी केमैन आइलैंड्स में है।    - हालांकि सिन्हा ने कहा कि वे ट्रांजैक्शंस लीगल थे। सिविल एविएशन के स्टेट मिनिस्टर सिन्हा ने कहा, 'यह ध्यान देना अहम है कि ये ट्रांजैक्शंस ओमिडियर के प्रतिनिधि के रूप में डी.लाइट के लिए किए गए थे, न कि किसी निजी मकसद से।' सिन्हा ने कहा, 'ओमिडियर नेटवर्क छोड़ने के बाद मुझसे डी.लाइट बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में बने रहने का कहा गया था। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल होने पर मैंने तुरंत डी.लाइट बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और उस कंपनी से नाता खत्म कर लिया था।' 

- आपको बता दें कि टैक्स चोरों को पैसे छिपाने में मदद देने वाले विदेशी ठिकानों में 'दुनिया के बेहद ताकतवर लोगों और कंपनियों' की बिजनस डीलिंग्स का खुलासा करने वाले 'पैराडाइज पेपर्स' में 714 भारतीयों के नाम सामने आए हैं। यह खुलासा इंटरनैशनल कंसोर्शियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने किया। हालांकि कई लोगों ने किसी भी गलत हरकत से इनकार किया।