पैंट्री कार वालों से मांगा रेल नीर तो तोड़ दिया हाथ

अविनाश पांडे, मुंबई (24 मई): एक मुसाफिर ने सिर्फ लोकल ब्रांड के पानी के बोतल के बदले रेल नीर की मांग की थी। इसी बात पर पहले पैंट्री कार वालों ने मुसाफिर के साथ गाली गलौच की। फिर पूरे पैंट्री कार के स्टॉफ को इकट्ठा किया। अपने परिवार के साथ सफर कर रहे है, मुसाफिर पर सारे पैंट्री कार वाले मिलकर पिल पड़े। मार-मारकर उसका हाथ तक तोड़ डाला।

निजामुद्दीन मुंबई गरीब रथ की घटना है ये। रविवार को मुंबई के रहने वाले प्रदीप गुप्ता और राजीव गुप्ता मथुरा से मुंबई के लिए गरीब रथ पर सवार हुए थे। महिला और बच्चों के साथ पूरा परिवार गरीब रथ के जी-5 कोच में सफर कर रहा था। कोटा तक सब ठीक-ठाक था, लेकिन उसके बाद पैंट्री कार वाले गुंडे आ धमके। प्रदीप गुप्ता के मुताबिक कोटा में उनके बच्चों को प्यास लगी तो उन्होंने पैंट्री कार का रुख किया। पैंट्री कार वालों ने उन्हें लोकल ब्रांड का पानी का बोतल थमा दिया। प्रदीप गुप्ता ने रेलनीर की मांग की तो पैंट्री कार वाले ने कम मुनाफे की वजह से इसे नहीं रखने की बात कही। इसपर प्रदीप गुप्ता ने रेलवे में शिकायत की बात कह डाली। इस पर नाराज पैंट्रीकार वाले ने प्रदीप गुप्ता से गाली-गलौच करने लगा।

इसके बाद प्रदीप गुप्ता अपनी सीट पर चले आए। थोड़ी देर बाद वही पैंट्री कार वाले फिर से उनके पास से गुजरे तो इस बार प्रदीप गुप्ता के भाई राजेश ने उन्हें मुसाफिरों से तमीज से पेश आने की बात कहने लगे। इसपर बौखलाए पैंट्री कार वाले ने अपने पूरे स्टाफ को इक्ट्ठा कर लिया। दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। महिलाओं को भी नहीं बख्शा। हाथापाई में प्रदीप गुप्ता का हाथ टूट गया।

पैंट्री कार वाले मुनाफे के चक्कर में लोकल और सस्ते ब्रांड वाली पानी की बोतलें ट्रेनों में बेच रहे हैं। इसपर रोक के लिए रेल मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट तक में दस्तक दी है। लेकिन रेलमंत्रालय के ठेकों पर काम करने वाले पैंट्री कार वाले मुनाफे के फेर में इतने अंधे हो चुके हैं कि वो मुसाफिरों के साथ मारपीट तक करने लगे हैं।