1000 रुपये और खाने के बादले राम रहीम ने बुलाए थे गुंडे

पंचुकला (27 अगस्त): 25 अगस्त को राम रहीम के समर्थकों ने हरियाणा के पंचकुला में जमकर तांडव मचाया है। राम रहीम के ये गुडे उसी दिन के सक्रिय हो गए थे जिस दिन पंचकुला की सीबीआई कोर्ट में रेप केस पर सुनावई पूरी हो गई थी और कोर्ट ने 25 अगस्त को फैसला सुनाने की बात कही थी। इसके बाद भारी तादाद में राम रहीम के गुडे धीरे-धीरे धारा 144 लागू होने के बावजूद पंचकुला में जमा होने लगे थे। इन गुडों राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में जमकर तांडब किया था।

अब पंचकुला हुए हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के पीछे राम रहीम के केवल अनुयायी भर नहीं थे बल्कि इनमें भाड़े पर लाए गए लोग भी शामिल थे। इन लोगों को डेरा अधिकारियों ने हर दिन 1000 रुपए और मुफ्त में भोजन पर लोगों को पंचकूला में जुटाया गया था। बताया जा रहा है कि डेरा अधिकारियों की ये कवायद फैसले से पहले प्रशासन पर दबाव डालने के लिए थी।

सिरसा के एक व्यापारी के हवाले से आए एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब हमारी नौकरानी गुरुवार को नहीं आई, तो हमने मोबाइल पर उससे संपर्क किया उसने कहा कि वह डेरा के अनुयायियों के साथ पंचकूला जा रही है और वो पंचकूला के रास्ते में है। तो हमें पता चला (बातचीत के दौरान) कि डेरा ने उन्हें भाड़े पर रखा है।

हिसार जिले के अपने गांव में एक सरकारी डॉक्टर ने बताया कि कुछ इलाकों में घोषणा की गई थी कि जो भी डेरा के अनुयायियों के साथ आएगा, उसे 1000 रुपए रोज भुगतान दिया जाएगा। यहां पहुंचने के बाद उन्हें अच्छा भोजन दिया जाएगा। डॉक्टर ने दावा किया कि उनके गांव की 100 से ज्यादा महिलाएं डेरा के अनुयायियों के साथ थीं।


आपको बता दें कि शुक्रवार को हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी करार दिया था। फैसले के बाद पंचकूला में हिंसक भीड़ ने वाहनों और सरकारी इमारतों में जमकर आगजनी की थी। कई प्राइवेट वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया था और इस हिंसा में 37 लोगों की मौत हुई। राम रहीम पर डेरा की एक पूर्व साध्वी ने रेप का आरोप लगाया था। इस मामले में 28 अगस्त सोमवार को सजा का ऐलान होना है।