नवाज शरीफ की उल्टी गिनती!, जा सकती है प्रधानमंत्री की कुर्सी

नई दिल्ली (12 जुलाई): पनामा मामले में पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ जांच कर रही ज्‍वाइंट इंवे‍स्‍टीगेशन टीम (जेआइटी) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश कर दी है। 15 जून को जेआइटी ने नवाज शरीफ से पूछताछ की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान पाक पीएम ने बिल्‍कुल भी सहयोग नहीं किया। उनका रवैया टालमटोल वाला और असहयोगात्‍मक रहा।

जेआईटी के सुप्रीम कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कल अपने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है। देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर नवाज शरीफ अपनी कैबिनेट से चर्चा करेंगे और कैबिनेट को विश्वास में लेंगे। कहा जा रहा है कि बैठक के दौरान जेआईटी की रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।

पनामा मामले में जेआईटी के सुप्रीम कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक गर्म है। जांच समिति ने शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज़ करने की सिफारिश की है। छह सदस्यीय संयुक्त जांच दल जेआईटी शरीफ परिवार के व्यापारिक लेन-देन की जांच की और अपनी 10 खंडों वाली रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी।

उसने सिफारिश की कि शरीफ और उनके बेटे हसन नवाज़ और हुसैन नवाज़ के साथ-साथ उनकी बेटी मरियम नवाज़ के खिलाफ राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो एनएबी अध्यादेश, 1999 के तहत भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में पाया गया कि शरीफ और उनके बच्चों के पास आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति है।

जेआईटी के सुप्रीम कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद विपक्ष पार्टियां नवाज शरीफ से इस्तीफा मांग रही हैं।