पनामा पेपर्स लीक में फंसे लोगों की अटकी सांसे, 25 को आयेगी ईडी की रिपोर्ट

नई दिल्ली (5 मार्च): पनामा पेपर लीक प्रकरण में ईडी सभी पहलुओं पर जांच करने के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद ब्लैक मनी बाहर भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। इससे पहले सरकार ने उन लोगों को चेतावनी दी है, जिन्होंने विदेश में काले धन को जमा किया है और आखिरी मौके का इस्तेमाल नहीं किया। वित्तमंत्री अरूण जेटली ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोगों का पछताना होगा। उनका यह बयान पनामा पेपर्स खुलासे के बाद आया है, जिसमें 500 से अधिक भारतीयों के नाम हैं।

उन्होंने उद्योग मंडल सीआईआई के सालाना अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में कहा कि विदेशों में कालाधन छुपाने वालों के खिलाफ वैश्विक पहल के तहत की जा रही बहुपक्षीय व्यवस्था 2017 तक प्रभावी हो जाएगी। उसके बाद लोगों के लिए अपनी गैर कानूनी संपत्ति बाहर छुपाना बहुत मुश्किल होगा। वित्तमंत्री ने कहा कि जी-20 की पहल, एफएटीसीए (अमेरिका का कानून) तथा द्विपक्षीय संधियों के तहत नई व्यवस्थाएं अगले साल अमल में आ जायेंगी। उसके बाद दुनिया में वित्तीय लेन देन की संस्थागत व्यवस्था अपेक्षाकृत पारदर्शी होगी। इसलिए इस तरह खिलवाड उन लोगों के लिए बेहद महंगा होगा जो इसमें लिप्त हैं। वित्तमंत्री ने कहा,जिन लोगों ने काले धन का विधिवत विवरण जमा करा उसे कानून सम्मत करने के सीमित समय के विकल्प का फायदा नहीं उठाया, उन्हें  अहसास होगा कि उनसे गलती हुई है।