33 घंटे से ज़्यादा आतंकियों से लड़ते रहे कैप्टन तुषार महाजन

आसिफ सुहाफ, श्रीनगर (22 फरवरी): उधमपुर में जब शहीद कैप्टन तुषार महाजन का पार्थिव शरीर पहुंचा तो सबसे पहले सेना की ओर से देश के इस वीर सपूत को आखिरी विदाई दी गई। उसके बाद जब शहीद कैप्टन के परिवार वाले  श्रद्धांजलि देने पहुंते तो माहौल बेहद भावुक हो उठा। पंपोर मुठभेड़ में शहीद हुए कैप्टन तुषार महाजन के परिवार को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। कैप्टन तुषार महाजन का परिवार जम्मू के उधमपुर में रहता है। कैप्टन तुषार महाजन भी पंपोर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए।

आपको बता दें कि कैप्टन तुषार महाजन आतंकियों के हमले में शहीद हो गए हैं। पंपोर में इन्होंने आतंकियों को घेर रखा था और 33 घंटे से ज़्यादा आतंकियों से लड़ते रहे। लेकिन देश की रक्षा करते ये शहीद हो गए। शहीद कैप्टन तुषार महाजन के सिर में चार गोलियां लगी थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांसें लीं। शहीद कैप्टन तुषार महाजन उधरपुर के रहने वाले थे। महज़ 26 साल के थे, छह साल से सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे थे।

सिर्फ शहीद तुषार महाजन का परिवार ही नहीं दुखी है बल्कि जालोन में भी शहीद भोला सिंह का परिवार भी गम में डूबा है। भोला सिंह भी पंपोर में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं। परिवार गमगीन है लेकिन शहादत पर फख्र भी कर रहा है। चालीस साल के सीआरपीएफ के जवान भोला सिंह राजावत भी आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए हैं।

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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