जानें, किसान परिवार में जन्मे पलनिसामी का CM बनने तक का सफरनामा

नई दिल्ली (16 फरवरी): लंबे सियासी उठापटक के बाद ई पलनिसामी तमिनाडु के नए सीएम बन गए हैं। राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने उन्हें आज मुख्यमंत्री पद और गोपनियता की शपथ दिलाया।

अब तक राजनीतिक गलियारों में बेहद कम चर्चा में रहे पलनिसामी का पॉलिटिकल करियर खासा लंबा रहा है। उन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता से लेकर यहां तक का सफर तय किया है। पलनिसामी का जन्म 2 मार्च 1954 को सलेम जिले के आंधियूर में हुआ था। 63 वर्षीय पलनिसामी ने1974 में एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर राजनीतिक जगत में एंट्री की थी।

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले पलनिसामी 1989 में पहलीबार विधायक बने। इसके बाद 1991, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पलानिसामी ईदापद्दी सीट से जीत हांसिल की।

जमीनी कार्यकर्ता से लेकर सीएम तक का सफर तय करने वाले पलनिसामी ने 40 साल के अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। AIADMK में उनका कद उस वक्त अचानक बढ़ गया, जब 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में सेलम जिले की 11 सीटों में से पार्टी ने 10 पर भारी मतों से जीत हासिल की। उनके योगदान को देखते हुए जयललिता ने उन्हें पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंटच समेत हाईवे और माइनर पोर्ट्स जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी थी। 2011 से ही वह हाईवे ऐंड माइनर पोर्ट्स मिनिस्टर थे। पलनिसामी को जयललिता कैबिनेट के उन मंत्रियों में से माना जाता था, जो उनके सबसे नजदीकी लोगों में से एक थे।

पलनिसामी शशिकला के सबसे ज्यादा करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं। लिहाजा आय से अधिक मामले में सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद शशिकला ने पलनिसामी को हो तमिलनाडु का सीएम बनाने के फैसला किया। इससे पहले खुद शशिकला मुख्यमंत्री बनना चाह रही थीं।