भीख मांगकर देश चलाने वाले पाक पीएम ने भारत को दी ये धमकी

नई दिल्ली (21 सितंबर): भले ही पाकिस्तान के पास अपने देश के नागरिकों को खिलाने के पैसे भी नहीं हो, लेकिन वह भारत से अपनी बराबरी करने में पीछे नहीं रहता। उधार के पैसे पर देश को चलाने में लगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने कहा है कि भारतीय सेना की 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' से निपटने के लिए हमारे देश ने कम दूरी के परमाणु हथियार तैयार कर लिए हैं।

अब्बासी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भाग लेने के लिए इस समय न्यूयॉर्क में हैं। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के अक्सर आतंकियों के हाथों में पहुंचने की आशंका जताई जाती रहती है। इस पर सफाई देते हुए अब्बासी ने कहा कि हमारे परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर देश में एक मजबूत और सुरक्षित कमांड ऐंड कंट्रोल सिस्टम है।

टेक्टिकल न्यूक्लियर वेपन की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' विकसित की है और उसके जवाब में हमने कम दूरी के परमाणु हथियार तैयार कर लिए हैं। इनकी भी जिम्मेदारी उसी एनसीए अथॉरिटी के पास है। अब्बासी ने कहा कि दुनिया के दूसरे देशों के शस्त्रागार जितने सुरक्षित हैं, पाकिस्तान के भी उतने ही सेफ हैं। ऐसे में किसी को भी चिंता या संदेह करने की जरूरत नहीं है।

क्या है कोल्ड स्टार्ट नीति? इस नीति को 2001 में संसद पर हमले के बाद तैयार किया गया था। संसद पर हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सीमा पर भारतीय सेना की तैयारियों में वक्त लगा था। इसी दौरान पाकिस्तान ने जवाब देने की पुख्ता तैयारियां कर ली थीं। इसके बाद 'कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' बनाई गई। यह एक तरह से 2001 में की गई चूक से ली गई एक सीख है। इसके तहत युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान को तैयारी का मौका दिए बिना सभी सेनाएं मिलकर तेजी से हमले को अंजाम देंगी। युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय शक्तियों द्वारा सीजफायर की मांग से पहले ही ज्यादा नुकसान पहुंचा देने का कॉन्सेप्ट इसमें शामिल है। इसमें पाकिस्तान के इलाकों पर कब्जा और उसे परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से रोकने की भी बात है।