भारत के खिलाफ आतंकियों का इस्तेमाल पाकिस्तान को पडा़ भारी-हक़्क़ानी

नई दिल्ली (30 मार्च): अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हुसैन हक्कानी ने कहा है कि कश्मीर में जिहादियों को समर्थन देना पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की कथित आजादी के मकसद से आतंकियों के साथ पाकिस्तान सरकार की सांठगांठ का नताज़ा उल्टा पड़ रहा है। पाकिस्तान सरकार की इसी नीति की वज़ह से सरकारी अधिकारी आतंकियों के खिलाफ जंग छेड़ने के खिलाफ हैं।

एक मीडिया इंटरव्यू में हक्कानी ने कहा कि जिहादी समूहों के साथ पाकिस्तान की भागीदारी शुरू में मुख्यत: एक रणनीति के तहत थी। माना जा रहा था कि इससे अफगानिस्तान में प्रभाव कायम करने और जम्मू-कश्मीर को भारत से आजाद कराने में उन्हें फायदा होगा। पूर्व राजनयिक ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि अपनी नीति के उल्टा पड़ जाने के बावजूद पाकिस्तान कुछ गिने-चुने जिहादी समूहों के खिलाफ ही कार्रवाई कर रहा है। 

हुसैन हक्कानी ने कहा कि भारत में आतंकी हमले करने वाले लश्कर-ए-तैएबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान में कार्रवाई नहीं हो रही है। संभव है कि इन आतंकी संगठनों के कुछ सदस्यों ने अलग गुट बना लिया हो जो अपने देश में ही हमले कर रहे हों।