कश्मीरी युवाओं को लुभाने के लिए 'हनी ट्रैप' का इस्तेमाल कर रहे आतंकी संगठन

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (2 दिसंबर): कश्मीर घाटी में युवाओं को आतंकवाद की तरफ खींचने के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन अब 'हनी ट्रैप' का सहारा ले रहे हैं। आतंकी संगठन खूबसूरत महिलाओं के जरिए युवाओं को लुभा रहे हैं और जाल में फंसने वाले युवाओं का इस्तेमाल हथियारों को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने या घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए गाइड के तौर पर कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने यह खुलासा किया है।

अधिकारियों ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर करीब 2 हफ्ते पहले 17 नवंबर को सईद शाजिया नाम की एक महिला को बांदीपोरा से गिरफ्तार किया गया। लड़की की उम्र 30-32 वर्ष है। फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर महिला के कई अकाउंट्स थे, जिसे घाटी के तमाम युवा फॉलो करते थे।
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पिछले कई महीनों से शाजिया द्वारा इस्तेमाल किए गए इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) अड्रेस पर नजर बनाए हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि वह युवाओं से चैट किया करती थी और उन्हें मुलाकात का वादा कर लुभाती थी। वह युवाओं से वादा करती थी कि जो भी उसके 'कंसाइनमेंट' को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाएगा, उससे वह मुलाकात करेगी।
शाजिया पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों के भी संपर्क में थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सामान्य 'डबल-क्रॉस' का मामला है क्योंकि वह सीमापार के अपने हैंडलर्स से जवानों के मूवमेंट जैसी जानकारी दिया करती थी, जो 'बहुत ज्यादा संवेदनशील' सूचना नहीं है।
पूछताछ के दौरान उसने जांचकर्ताओं को बताया कि घाटी में कई अन्य महिलाएं भी पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए काम कर रही हैं। उन्हें युवाओं को आतंकवाद की तरफ खींचने के लिए लालच देने का काम दिया गया है।  

पिछले साल सितंबर में पुलिस ने घाटी में लश्कर-ए-तैयबा के चीफ कमांडर अबु इस्माइल और छोटा कासिम को ढेर किया था। दोनों पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले में शामिल थे, जिसमें 8 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी। इसी मामले की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आसिया शाजिया की निगरानी शुरू की।
श्रीनगर सिटी के बाहरी इलाके में हुई मुठभेड़ की जगह से कुछ दस्तावेज और सामान जब्त किए गए थे, जिससे संकेत मिला कि उत्तरी कश्मीर की एक अज्ञात महिला इन दोनों आतंकियों को हथियार और गोला-बारूद सप्लाइ करने में शामिल थी। इस साल अप्रैल में, उस महिला की पहचान सईद शाजिया के तौर पर हुई। उसकी सोशल मीडिया पर गतिविधियों पर सुरक्षाबलों ने नजर रखनी शुरू कर दी। जांच में पता चला कि उसे सीमापार से निर्देश मिल रहे थे कि वह अपने हुस्न का इस्तेमाल करके युवाओं को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करे।