पाकिस्तानी 'मशाल' के लिए सुषमा बनीं 'मसीहा', कर्नाटक से मेडिकल सीट ऑफर

नई दिल्ली (31 मई): भारतीय कानून के मुताबिक मेडिकल एंट्रेंस ने दे पाने वाली पाकिस्तानी हिंदू लड़की मशाल माहेश्वरी को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का रास्ता साफ हो गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने व्यक्तिगत रूप से इस मामले में दिलचस्पी दिखाई। उसके लिए मेडिकल सीट मुहैया करवायी। इससे पहले मशाल को सुषमा स्वराज की ओर से बड़ा आश्वासन मिला था। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा- 'मशाल, परेशान मत हो मेरी बच्ची.. मैं मेडिकल कॉलेज में तुम्हारे एडमिशन के मामले को पर्सनली उठाउंगी।'

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज से सीट की ऑफर हुई है। 

फिल्हाल, जयपुर में रहने वाली मशाल माहेश्वरी पाकिस्तान मूल की है। लेकिन वो पिछले काफी समय से भारत में ही अपने परिवार के साथ रह रही हैं। मशाल के माता-पिता भी डॉक्टर हैं। पाकिस्तान के हैदराबाद में उन्हें एक बार अगवा करने की कोशिश की हई जिसके बाद वे धार्मिक वीजा पर भारत आ गये। तब से वो भारत में ही है। मशाल ने 10वीं तक का पढ़ाई पाकिस्तान में की है।

भारतीय क़ानून के मुताबिक विदेशी नागरिकता वाला कोई छात्र एंट्रेंस एग्ज़ाम में नहीं बैठ सकता। लेकिन प्राइवेट कॉलेजों में फॉरेन नेशन्ल्स को दाखिला मिल सकता है। मशाल के लिए संभवत यही रास्ता निकाला गया  है। मशाल इस घटनाक्रम को लेकर बहुत खुश है। मशाल ने कहा है कि अगर गुजरात या राजस्थान के किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हो तो उसके लिए आसानी रहेगी। क्योंकि वो राजस्थान में ही इतने समय से रह रही है।