बलूच औरतोें के साथ आईएसआईएस की तरह रेप कर रही है पाकिस्तानी आर्मी

नई दिल्ली (18 सितंबर): पाकिस्तानी सेना द्वारा बलूचिस्तान के स्थानीय लोगों पर ऐसे-ऐसे अत्याचार किए जा रहे हैं जो कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस  की याद दिला रहे हैं। आम लोगों पर होने वाले पाकिस्तानी जुल्म पर बलूच मानवाधिकार ऐक्टिविस्ट फरजाना मजीद बलूच ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन और महिलाओं पर अत्याचार की तुलना 1971 की बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई से की है।

उन्होंने यह कहते हुए कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है बताया कि पाक सेना का बलूच महिलाओं को निशाना बनाना, 1971 में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) की महिलाओं के साथ हुए रेप और ज्यादती जितना बुरा है। फरजाना ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से एक बलूच ऐक्टिविस्ट के घर को पाकिस्तान पैरामिलिटरी फोर्सेज ने महिलाओं और बच्चों समेत घेर रखा है।

इसके पहले उन्होंने 40 से ज्यादा महिलाओं को उनके बच्चों के साथ बलूचिस्तान के बोलन इलाके से अगवा कर लिया था। फरजाना ने कहा कि कोहलू और डेराबुग्ती इलाके में मिलिटरी ऑपरेशन के बाद से जरीना मर्री और दो अन्य महिलाएं अभी तक लापता हैं। 

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की दरिंदगी बयांन करता वीडियोः [embed]https://www.youtube.com/watch?v=DXjnTGhebSA[/embed]