'कश्मीर की आतंकी घटनाओं में पाकिस्तानी आर्मी का हाथ'

नई दिल्ली (7 नवंबर): लगभग चार महीने की जांच के बाद एनआईए कश्मीर में हिंसा के पीछे पाकिस्तानी आर्मी के रोल को बेनकाब करने जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि इस महीने के आखीर तक एनआईए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर देगी। एनआईए की चार्जशीट में बहादुर अली नाम के आतंकी के बयानों और सुबूतों को भी शामिल किया गया है। एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि जमात-उद-दावा का सरगना हाफिज़ सईद और उसका लड़का खालिद वलीद पीओके के मुज़फ्फराबाद में अलफा-3 नाम से आतंक का कंट्रोल रूम चलाते हैं। वहीं से आतंकियों को कश्मीर में घुस कर हिंसा करने और स्थानीय लोगों को बरगलाने के निर्देश दिये जाते हैं। आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद गिरफ्तार किये गय़े आतंकी बहादुर अली ने बताया था कि वो जमात उद दावा और फला-ए-इंसानियत नाम के संगठनों के लिए चंदा इकट्ठा कर चुका है। इसके बाद उसे पाकिस्तानी आर्मी ने हथियार चलाने और कम्युनिकेशन इक्विपमेंट इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दी थी।