पाक सेना प्रमुख ने 11 तालिबान के डेथ वारंट पर लगाई मुहर

नई दिल्ली (4 मई): पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने तालिबान के 11 सदस्यों की मौत की सज़ा को मंजूरी दे दी है। इन सभी को आतंकवाद, अपहरण और नागरिकों, पुलिस व सेना के अधिकारियों पर हमले करने के आरोपों में दोषी पाया गया। पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 11 लोगों पर सैन्य अदालत में बंद दरवाजों के भीतर मामला चलाया गया था। पाकिस्तान ने पेशावर स्कूल में हुए नरसंहार के  बाद मौत की सज़ा से प्रतिबंध हटा लिया था। इस हमले में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें से ज्यादातर स्कूली बच्चे थे। इस हमले के बाद से संदिग्ध आतंकियों पर पाकिस्तान में मिलिट्री ट्रायल शुरू कर दिया गया।

सैन्य अदालतों की तरफ से मौत की सजा पाए मामलों में सेना प्रमुख को सज़ा की पुष्टि करना होता है। पाकिस्तानी सेना ने देर मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि जनरल रहील शरीफ ने इन सजाओं को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि मौत की सज़ा कब दी जाएगी और क्या आरोपियों के पास अपील का अधिकार है?

4 तालिबानी आतंकियों की पहचान मौलवी दिलबार खान, हमीदुल्लाह, मोहम्मद नबी और रहमतुल्लाह के नामों से हुई है। इन्होंने 2013 में पाकिस्तान के उत्तरी जिले चिलास में एक पुलिस चीफ और दो वरिष्ठ सेनाधिकारियों की हत्या कबूल की थी। 

अभी तक 207 तालिबानी संदिग्ध आतंकियों पर सैन्य अदालतों में मामला चला है। इनमें से 88 का फैसला सुनाया जा चुका है। पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता जनरल असीम बजवा ने इसकी जानकारी दी।