दाऊद के राजदार जाबिर मोतीवाला को FBI के शिकंजे से बचाने में जुटी पाकिस्तान सरकार?

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 जुलाई): पाकिस्तानी सरकार और आर्मी आजकल बहुत परेशान है। एक कुख्यात आतंकी-गुर्गे को अमेरिकी एजेंसियों से बचाने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने जी-जान एक कर रखा है। इस आतंकी गुर्गे का नाम है जाबिर मोतीवाला। जाबिर मोतीवाला दाऊद इब्राहीम का राजदार है और इस समय ब्रिटेन की हिरासत में है। अमेरिकी एजेंसियां उसे अपनी गिरफ्त में लेना चाहती हैं। दाउद इब्राहीम के इशारे पर जाबिर मोतीवाला दुनियाभर के आतंकियों को पैसा पहुंचाने का काम करता है। जबिर मोतीवाला को अगर एफबीआई अपनी हिरासत में लेने में कामयाब होजाती है तो पाकिस्तान पर आतंकियों को पालने-पोषने और उन्हें आर्थिक मदद देने के आरोपों की पुष्टि भी हो जायेगी और यह आरोप पुष्ट होते ही पाकिस्तान को एफएटीएफ ब्लैक लिस्ट में डाल देगा। फिलहाल  इंग्लैण्ड के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की प्रत्यर्पण याचिका लगाई है। एफबीआई की याचिका पर  सुनवाई के दौरान पाकिस्तानी राजनयिकों के समर्थित डी-कंपनी के बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मोतीवाला गंभीर अवसाद से ग्रस्त है और वह धनशोधन, ड्रग तस्करी और अंडरवर्ल्ड के अपराध के आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका जा पाने की स्थिति में नहीं है।

जाबिर मोतीवाला को अगस्त 2018 में लंदन में मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी के आरोपों में एफबीआई की सूचना पर गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों के मुताबिक जाबिर मोतीवाला के बचाव के लिए लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग खुलकर सामने आ गया है। इससे पहले पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी और आर्मी चीफ कमर अहमद बाजवा ने लंदन में डेरा डाले रहे थे। दोनों ने पाकिस्तानी दूतावास को निर्देश दिये कि किसी भी हालत में जाबिर मोतीवाला अमेरिकी एजेंसियों के हाथों में नहीं जाना चाहिए।  शाह महमूद कुरैशी और कमर अहमद बाजवा के कहने पर ही पाकिस्तानी दूतावास ने वेस्टमिंस्टर कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि  मोतीवाला पाकिस्तान का एक प्रसिद्ध और सम्मानित कारोबारी है। उसको अमेरिकी एजेंसियों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए।

दरअसल, दाऊद इब्राहीम पाकिस्तानी सेना की खुफिया इकाई आईएसआई के संरक्षण में रह रह है। आईएसआई के निर्देश पर दाऊद अपने गुर्गों के मार्फत आतंकियों को पैसा और पनाह मुहैया कराता आया है। पाकिस्तान को डर  है कि अगर जाबिर मोतीवाला को अमेरिका के हवाले कर दिया जाता है तो वो एफबीआई के सामने दऊद के साथ पाकिस्तानी सरकार और सेना के प्रपंचों की पोल खोल देगा।

 अमेरिका दाऊद इब्राहिम को पहले ही एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है, जो एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट चलाता है और गिरोह के मार्गो को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के साथ साझा करता है। पाकिस्तानी दूतावास की ओर से वेस्टमिंस्टर कोर्ट में दाखिल अर्जी को कमजोर पड़ता देख जाबिर के वकीलों ने अदालत में दूसरी अर्जी लगाकर कहा है कि  जाबिर मोतीवाला गंभीर अवसाद से ग्रस्त है और पिछले कई वर्षो में आत्महत्या के कई प्रयास कर चुका है। वकीलों ने कहा कि ऐसी स्थिति में उसे मुकदमे का सामना करने के लिए अमेरिका प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता। पाकिस्तानी दूतावास और वकीलों की अर्जी के खिलाफ एफबीआई के वकीलों ने कहा कि जाबिर मोतीवाला अंतर्राष्ट्रीय आतंकी दाऊद इब्राहीम के काले धन को विदेशों में विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करता रहा है। वो कथित  ड्रग तस्करी में संलिप्त रहा है और दाऊद इब्राहीम के लिए धन उगाही के लिए यूरोप की यात्रा भी करता रहा है।Images Courtesy:Google