इस यूनिवर्सिटी ने छात्र-छात्राओं के एक साथ 'कपल' की तरह बैठने पर लगाया बैन

नई दिल्ली (17 मई): पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी से मोरल पुलिसिंग का एक रूढ़िवादी मामला सामने आया है। इस यूनिवर्सिटी ने अपने कैम्पस में लड़के लड़कियों के एक साथ कपल के तौर पर बैठने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि ऐसा करना इस्लाम के सांस्कृतिक मानकों के खिलाफ है।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, लाहौर की सारगोधा यूनिवर्सिटी ने सोमवार को कैम्पस में एक सर्कुलर जारी किया। जिसमें छात्र-छात्राओं के क्लासरूम, कैफेटेरिया और किसी भी दूसरी जगह पर एक साथ बैठने पर प्रतिबंध के बारे में साफ साफ लिखा गया है। 

नोटिस में कहा गया है, "हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक मान्यताओं और पेरेंट्स की शिकायतों पर यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर छात्र-छात्राओं के बीच अनुपयुक्त बातचीत पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जाता है।" सारगोधा यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर मियां जावेद ने बताया, सर्कुलर में कहा गया है, "हमने छात्र-छात्राओं के एक साथ कपल के तौर पर बैठने पर प्रतिबंध लागू किया है। पेरेंट्स ने लड़के लड़कियों के एक साथ खासकर क्लासरूम में बैठने का विरोध किया था।"

जावेद ने कहा, क्योंकि पाकिस्तान एक इस्लामिक देश है इसलिए "हमें इस तरह की संस्कृति को हतोत्साहित करना होगा।"

पाकिस्तान में यह यूनिवर्सिटी पहली ऐसी सार्वजनिक क्षेत्र की यूनिवर्सिटी है, जिसने इस तरह का प्रतिबंध लागू किया है।

छात्र-छात्राओं के एक साथ बैठने पर प्रतिबंध के अलावा कैम्पस ने एक ड्रेस कोड भी लागू किया है। जो छात्रों और छात्राओं के लिए अलग अलग लागू किया गया है। इस ड्रेस कोड को वेबसाइट पर साफ तौर पर डिस्प्ले किया गया है।

ड्रेस कोड नोटिस में कहा गया है, "पहने गए कपड़े, साफ सुथरे, शालीन और संस्कृति का प्रदर्शन करने वाले होने चाहिए। जिसमें हम संचालित होते हैं।"

इसमें कहा गया है, कि प्रतिबंध कोई कड़ाई या अलगाव पैदा करने के लिए नहीं बल्कि अनुशासन के अनुरूप हैं।