आतंकियों पर कार्रवाई के नाम पर भारत को घुमा रहा है पाक?

नई दिल्‍ली (11 जनवरी): राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जो हिन्दुस्तान में नरेंद्र मोदी के बाद सबसे ताकतवर व्यक्तियों में से एक हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच 15 जनवरी को होने वाली विदेश सचिव की बातचीत होगी या नहीं। इस सवाल पर सुबह से अटकलों का बाजार गर्म रहा। पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के एक अखबार को दिये इंटरव्यू पर विवाद हुआ।

अखबार के मुताबिक डोभाल ने कहा कि पाकिस्तान ने पठानकोट के आतंकियों पर कार्रवाई नहीं की तो 15 जनवरी की बातचीत नहीं होगी। इस इंटरव्यू की ऑडियो टेप भी अखबार ने जारी कर दी। हालांकि अजीत डोभाल ने इंटरव्यू पर ही सवाल खड़े कर दिए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

उसी बीच पाकिस्तान के द न्यूज अखबार के हवाले से खबर आई कि पाकिस्तान ने भारत के दिए गए फोन नंबर के सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं लेकिन कुछ ही देर बाद द न्यूज ने ये खबर देकर पूरे मामले को और भी उलझा दिया कि पाकिस्तान ने भारत को अपनी जांच की रिपोर्ट सौंप दी है और भारत ने जो मोबाइल नंबर दिए थे वो पाकिस्तानी हैं ही नहीं।

हैरत की बात ये है कि एक तरफ पाकिस्तानी पीएम और विदेश मंत्री सरताज अजीज बार-बार कह रहे हैं कि 15 तारीख की बातचीत तय है, जबकि यहां भारत में सिर्फ कयास लग रहे हैं क्योंकि सरकार की तरफ से भी विरोधाभासी बयान आ रहे हैं। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर कहते हैं कि दुश्मन नुकसान पहुंचाए तो उसे अपनी चॉयस की जगह और टाइम पर उसी भाषा में जवाब देना जरूरी है वरना उसके हौसले बढ़ते जाते हैं।

इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से 45 मिनट तक मीटिंग भी की लेकिन अभी तक 15 जनवरी को प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की बातचीत पर कोई फैसला सामने नहीं आया है। विदेश मंत्रालय भी पाकिस्तान के पाले में गेंद डाल कर खामोश है। लेकिन उधर पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारत के साथ बातचीत समय पर होगी।

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