बैंकाक से जेनेवा की दूरी जितनी लंबी है पाक की बेशर्मी की मीनार !

Imran-and-Shah

संजीव त्रिवेदी, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 सितंबर): आजकल बहुस से लोग कम से कम एक मामले में पाकिस्तान की दक्षता का लोहा मानने लगे हैं । इस बात पर बात पर आम सहमती है कि कूटनीति में बेशर्मी का अगर कोई अवार्ड होता तो वो पाकिस्तान के मौजूदा हुक्मरानों को दिया जाता । ऐसी मान्यता यूहीं नहीं ।

पाकिस्तान की शुतुरमुर्गी चाल

दुनिया में शायद ही कोई देश होगा जो एक ही दिन दुनिया के सामने दो चेहरे लेकर खड़ा हो और दोनों जगहों पर खुद को बड़ी ढिठाई से सही कह रहा हो । सोशल मीडिया के दौर में बैंकाक और जेनेवा की दूरी आपके स्मार्ट मोबाइल फोन पर एक क्लिक से ज्यादा की नहीं । लेकिन पाकिस्तान बालू में सर छुपाते शुतुर्मुर्ग की तरह सोचता रहा कि बैंकाक में उस पर उठ रही उंगलियों की खबर से दुनिया बेखबर रहेगी और उसे याद सिर्फ जेनेवा में शाह महमूद कुरेशी के फरेबी भाषण के लिया किया जाएगा ।

बैंकाक में आम तो जेनेवा में इमली

मंगलवार को पाकिस्तान को बैंकाक में हाथजोड़ कर बताना पड़ा कि कैसे उसने अब आतंकी गुटों की फंडिंग करने की आदत छोड़ दी है । एफएटीएफ के मुखिया देशों को उसने कसमें खा कर कहा कि अब आतंकवाद को आर्थिक मदद देने की वजह से उसे जो ग्रे लिस्ट में डाला गया है - उससे उसके बाहर लाए जाने का समय आ गया है । बाहर आते ही दुनिया के बड़े देशों से मिलने वाली आर्थिक मदद की संभावना पर जीभ लपलपाता पाकिस्तान बैंकाक में आतंकवाद से तौबा कर रहा था । पाकिस्तान को राहत नहीं मिलेगी ये तय है क्योंकि एफएटीएफ मानता है कि पाकिस्तान झूठ कह रहा है । लेकिन तस्वीर का दूसरा रुख देखिए । देखिए कि कैसे जेनेवा में अव्वल ठिढ़ाई का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी ने भारत पर मानवाधिकार उल्लंघन के सवाल खड़े किए । कश्मीर में तैनात भारतीय सेना पर नरसंहार का आरोप लगाया । कहा कि कश्मीर में लाक-डाउन की स्थिति है । ऐसी हेठी के लिए जिस तरह की मोटी चमड़ी चाहिए वो शायद पाकिस्तान के पास ही है ।

भारत ने दुनिया के देशों के सामने पाकिस्तान को आईना दिखाया

भारत ने देर नहीं की । एक ही दिन दो मौकों पर जेनेवा में पाकिस्तान पर करारा जवाब जड़ दिया । भारत की तरफ से सेक्रेट्री ईस्ट विजय ठाकुर ने पहले और फिर यूएन में भारत के फर्स्ट सेक्रेट्री विमर्श आर्यन ने बाद में पाकिस्तान की कलई खोल दी । आसिया बीबी और जसजीत कौर जैसी पाक महिलाओं का उदाहरण देकर भारत ने पाक में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर दुनिया को हकीकत बताई । पाक प्रौपगैंडा को दुनिया के देशों के सामने खारिज़ करने की गरज से ज़ोर देकर कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अब 370 के हटने के बाद केंद्र सरकार भारत के दूसरे भागों की तरह उसके भी विकास का इंतजाम करेगी ।

कुरेशी की फिसली ज़ुबान और सच आ गया बाहर

पाकिस्तान की पोल तब और खुल गई जब जेनेवा में मानवाधिकार आयोग मुख्यालय के अंदर बैठक चल रही थी तो बाहर बलोचिस्तान के विस्थापित - पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे थे । पाकिस्तान में मानवाधिकार की क्या स्थिति है इसका इससे बेहतर और सटीक उदाहरण शायद नहीं हो सकता था । उस मंज़र ने अपना जबाव बनाया होगा । शायद इसीलिए पाकिस्तान के विदेशमंत्री महमूद कुरेशी की ज़ुबान मंगलवार को फिसल गई और उन्होंने कह दिया कि भारत का ही राज्य है जम्मू-कश्मीर !