पाकिस्तान परेशान, NSG में भारत की बढ़ी दावेदारी

इस्लामाबाद (14 दिसंबर): न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप यानी NSG में भारत की दावेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है। इस मुद्दे पर चीन को छोड़कर दुनिया के तमाम ताकतवर, बड़े देशों के साथ-साथ सभी देशों को समर्थन हांसिल है। इससे पाकिस्तान परेशान है। पाकिस्तान को डर है कि ताकतवर देश, कमजोर देशों पर भारत के पक्ष में होने के लिए दबाव बना सकते हैं।

पाकिस्तान को आशंका है कि अगर NSG में उसके और भारत के आवेदन के बीच भेदभाव हुआ तो दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बिगड़ सकता है। पाकिस्तानी अधिकारियों को चिंता है कि ताकतवर मुल्क भारत के साथ खड़े दिख रहे हैं। ऐसी स्थिति में वे  NSG में एंट्री की कसौटियों से भारत को मुक्त रखने के लिए छोटे देशों पर दबाव बना सकते हैं। हालांकि एक वर्कशॉप के दौरान बोलते हुए पाकिस्तानी विदेश विभाग के अधिकारी कामरान अख्तर ने कहा कि पाक को भरोसा है कि  NSG मुल्क कसौटियों से समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने आगे कहा, 'अगर ऐसा होता है तो सिर्फ पाकिस्तान के लिए इसके परिणाम देखने को नहीं मिलेंगे बल्कि दूसरे गैर-परमाणु हथियार वाले देश भी परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अपने अधिकार से वंचित होंगे।' दूसरी तरफ पाकिस्तानी अधिकारी नॉन-एनपीटी देशों की सदस्यता के लिए कसौटी के सवाल पर मिल रहे समर्थन से खुश भी हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि अब कई सारे देश इस बात को समझ रहे हैं कि एनएसजी में एंट्री के लिए कसौटी निर्धारण की जरूरत है, न कि किसी को नियमों से मुक्त रखने की। हालांकि उन्होंने माना है कि छोटे देशों पर दबाव बनाया जा रहा है। पाकिस्तानी भी एनएसजी में एंट्री के लिए दावेदारी जता रहा है।

पाकिस्तान  NSG में एंट्री के लिए एक सार्वभौमिक नियम तय करने के पक्ष में है। अमेरिका भारत की एंट्री के लिए कुछ कंडिशन को हटाने के पक्ष में है।