नहीं सुधरा पाक तो सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर होगी कार्रवाई: आर्मी चीफ

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 नवंबर): सीमा पर पाकिस्तान लगातार अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इस बीच आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने सीमा पार आतंकियों के लॉन्च पैडों पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऐक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया। बुधवार को उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दे रहा है और ऐसे में भारत सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकता है। 

एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में आर्मी चीफ ने कहा कि 2016 में पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों को कड़ा संदेश देने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। जनरल रावत ने कहा, 'हम कहना चाहते थे कि अगर आप इस तरह की गतिविधियां करेंगे तो हम सीमा पार करने और आतंकी कैंपों को तबाह करने में हिचकेंगे नहीं। लेकिन अगर उस संदेश का आशाओं के अनुरूप असर नहीं हुआ तो बेहतर परिणाम के लिए यह और सख्ती का वक्त है।'
LoC पर सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं पर जनरल रावत ने कहा कि पाकिस्तान आर्मी आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए बॉर्डर पर फायरिंग करती रहती है। रावत ने कहा, 'पाकिस्तान सीजफायर उल्लंघन के जरिए घुसपैठ में मदद करता है। इससे आतंकियों को भारत में घुसने का मौका मिल जाता है। वे भारतीय फोर्सेज का ध्यान बंटाने के लिए ऐसा करते हैं।'
जनरल रावत ने पहले के अपने बयानों को दोहराते हुए कहा कि पत्थरबाज आतंकियों के समर्थक होते हैं। आगे कहा कि जो लोग आतंक विरोधी अभियानों को बाधित करने की कोशिश करते हैं, वे भी उस संगठन का हिस्सा होते हैं जो जम्मू और कश्मीर के लोगों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को अंजाम देते हैं। आर्मी चीफ ने कहा, 'आतंकियों के बाद आर्मी यह सुनिश्चत करने के लिए जाती है कि वे कश्मीर के लोगों के खिलाफ हिंसा न फैला सकें। जो लोग भी इन ऑपरेशनों को बाधित करते हैं वे भी आतंक फैलाने वाले संगठन का हिस्सा होते हैं।'
उन्होंने कहा कि आतंकी घाटी के सीधे-साधे युवाओं को टारगेट करते हैं, जो आखिर में उनके साथ हो जाते हैं। रावत ने कहा, 'पत्थरबाज भोले-भाले युवा होते हैं... उन सभी की उम्र 15-17 साल के बीच होती है... जब वे 25-26 साल के होते हैं तो आतंकी बनने के लिए ग्रेजुएट हो जाते हैं। पत्थरबाजी दरअसल आतंकवाद के पहले का स्टेज है।'
आर्मी चीफ ने जोर देकर कहा कि आर्मी अब पत्थरबाजों से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम हो गई है। सैन्य कर्मियों के खिलाफ फेक एनकाउंटर के आरोपों पर रावत ने संकेत दिए कि इनमें से ज्यादातर मामलों के पीछे अजेंडा हो सकता है।
आर्मी चीफ ने कहा, '... मेरा मानना है कि एनकाउंटर में किसी के भी मारे जाने की शिकायत उसके किसी करीबी की तरफ से आनी चाहिए। हालांकि हम पाते हैं कि आरोप किसी थर्ड पार्टी की ओर से लगाए जाते हैं।' उन्होंने कहा कि ऐसे ज्यादातर मामले फर्जी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी ऑफिसर गलत करता है, सेना उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती है।