आतंकवादियों से खून की हर बूंद का लेंगे बदला: पाक सेना प्रमुख

नई दिल्ली ( 17 फरवरी ): पाकिस्तान में कराची से 200 किलोमीटर दूर स्थित सूफी संत लाल शहबाज कलंदर की दरगाह में मौजूद जायरिनों के बीच गुरुवार शाम आतंकी संगठन आईएस के आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इसमें करीब 100 लोगों की मौत हो गई और ढाई सौ से ज्यादा जख्मी हो गए।

हमले के बाद सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा है कि खून की हर बूंद का बदला आतंकवादियों से लिया जाएगा। स्थानीय पुलिस ने बताया कि करीब 100 लोगों की मौत हो गई जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। हमले के वक्त दरगाह में सैकड़ों की तादाद में जायरिन मौजूद थे।

आतंकी संगठन आईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने अपनी न्यूज एजेंसी अमाक पर बताया कि आत्मघाती हमलावर ने सिंध में दरगाह में शिया समूह को निशाना बनाया।

हैदाराबाद के आयुक्त काजी शाहिद ने बताया कि दरगाह हैदाराबाद से 130 किलोमीटर दूर निर्जन इलाके में है। वहां हैदराबाद, जमशोरो, मोरो, दादू और नवाबशाह से एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। क्षेत्र के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। घटनास्थल से सबसे करीब अस्पताल 40 से 50 किमी की दूरी पर होने की वजह से कई लोगों ने समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया।

लाल शहबाज कलंदर प्रसिद्ध सूफी दार्शनिक और कवि हैं। कई कव्वाली में भी उनका जिक्र आता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में सूफी संप्रदाय के लोगों को निशाना बनाकर अक्सर हमले होते रहते हैं। 2005 के बाद से 25 से ज्यादा सूफी दरगाहों पर हमले हुए हैं। इनमें से ज्यादातर की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान ने ली है।