अपर्याप्त सुरक्षा होने पर पाक ने बंद किए 230 शैक्षणिक संस्थान

नई दिल्ली (29 जनवरी): तालिबान की धमकी के बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 230 से भी ज्यादा शिक्षा संस्थानों को बंद किया गया है, इनमें से ज्यादातर सरकारी संस्थान हैं। अधिकारियों ने संस्थानों से रविवार तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 138 संस्थान पंजाब के रावलपिंडी डिवीजन में सरकार की तरफ से संचालित हैं। इलाके के 53 शिक्षा संस्थानों को गुरुवार को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। जिसमें उनसे रविवार तक सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर संस्था के प्रमुख पर मामला दर्ज किया जाएगा। इन संस्थानों में रावलपिंडी मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।

झेलम के 15 शिक्षा संस्थानों को सील किया गया है। जिनमें 10 सरकारी और 5 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। चकवाल में चार स्कूलों को सील किया गया है जबकि, तीन अन्य को चेतावनी दी गई है। 

अटक में पुलिस और इंटैलीजेंस एजेंसियों ने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा को लेकर एक ताजा सर्वे किया, जिसमें 205 स्कूलों और कॉलेजों में कमजोर सुरक्षा व्यवस्था पाई गई। इनमें 127 सरकारी और 78 प्राइवेट संस्थान शामिल हैं। पंजाब सरकार के प्रांत में शिक्षण संस्थानों को 5 दिनों के लिए बंद किए जाने के आदेश के बाद इनके प्रशासनों को इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उनसे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स को अपनाने के लिए भी कहा गया है। 

प्रांत के गृह मंत्रालय ने डिवीजनल पुलिस चीफ्स को उन खुफिया रिपोर्ट्स के मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा था, जिनमें बताया गया कि आतंकी उन्हें निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। तालिबान के आतंकियों ने पाकिस्तानी शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। खैबर पख्तुनख्वा प्रांत के चारसद्दा की बाचा खान यूनिवर्सिटी में 20 जनवरी को हुए हमले के बाद खतरे का सामना करने के लिए सुरक्षा को लेकर कदम उठाए गए। इस हमले में 21 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ज्यादातर छात्र थे।