पाकिस्तान में हिंदू विवाह बिल को मिली मंजूरी

नई दिल्ली(3 जनवरी): पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों को मानवाधिकार पर बनी सीनेट फंक्शनल कमेटी ने नए साल का नजराना दिया है।

- कमेटी ने बहु-प्रतीक्षित हिंदू विवाह अधिनियम को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है। अब इस पर पाक में हिंदू विवाह पर कानून बन जाएगा।

- इससे पहले सितंबर में नेशनल असेंबली (उच्च सदन) ने पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए हिंदू मैरिज बिल-2016 को पारित कर दिया था।

- पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने इस आशय का समाचार प्रकाशित करते हुए लिखा है कि पिछले 66 वर्षों से पाक में रहने वाले हिंदुओं की शादी रजिस्टर्ड नहीं होती थी, इस कारण यह समुदाय असुरक्षित महसूस करता था। लेकिन अब पाक आबादी का 2 फीसदी हिस्सा बेहतर जीवन जी सकता है। इसके अलावा तलाक और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे मामलों का समाधान भी अब आसानी से निकाला जा सकता है, ताकि हिंदू पाक में खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस बिल का उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान है।

- इस बिल के स्वीकृत होने के बाद पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू लोगों को दूसरी शादी करने की इजाजत भी मिल सकेगी। पाक की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट सीनेटर नसरीन जलील की अध्यक्षता में सीनेट कमेटी ने बिल पर पूरी चर्चा की थी। पाक नेशनल असेंबली में अल्पसंख्यक सदस्य डॉ. रमेश कुमार वांकवानी ने कहा कि यह अधिनियम पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए नए साल उपहार है। उन्होंने कहा कि बिल के स्वीकृत होने के बाद अब हमें पाकिस्तानी हिंदू कहने में गर्व महसूस होगा।