पाक फिर हुआ बेनकाब, उत्तर कोरिया को दे रहा है परमाणु सामाग्री

नई दिल्ली (6 सितंबर): पाकिस्तान का पाप एक बार फिर से बेनकाब हुआ है। सीआईए ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान लगातार उत्तर कोरिया को परमाणु सामाग्री दे रहा है। इस बार उसने समंदर के रास्ते सनकी तानाशाह को बर्बादी का तोहफा भेजा है। इसका मतलब ये हुआ कि सनकी किम जो आए दिन मिसाइल फोड़ रहा, जिसके दम पर वो दुनिया को चुनौती दे रहा है, उसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है।

पाकिस्तान पैसे लेकर उत्तर कोरिया को परमाणु मैटेरियल बेच रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ से जानकारी साझा की है।

- इसमें पाकिस्तान और उत्तर कोरिया के बर्बादी वाले प्लान का खुलासा हुआ है। - CIA के मुताबिक पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को परमाणु मैटेरियल सप्लाई की है। - पाकिस्तान ने तबाही का ये सामान कार्गो शिप के जरिए उत्तर कोरिया पहुंचाया। - खुलासे के मुताबिक परमाणु सामाग्री में मोनेल और इनकोनेल की खेप शामिल हैं। - आपको बता दें कि मोनेल और इनकोनेल पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है। - बावजूद इसके पाकिस्तान उत्तर कोरिया को मोनेल और इनकोनेल दे रहा है। - इसमें वो मैटेरियल भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान को चीन से मिले हैं।

ताबाही वाली इस साजिश का पता चलने के बाद सीआईए ने समंदर में सर्विलांस बढ़ाने की सलाह दी है। सीआईए की इस रिपोर्ट से पाकिस्तान और उत्तर कोरिया की तबाही वाली साजिश का पर्दाफाश हो गया है। किम हथियारों का जखीरा इकट्ठा करने के लिए पाकिस्तान को पैसा देता है और पाकिस्तान बदले में उसे परमाणु हथियार मुहैया कराता है।

ये कोई पहला मौका नहीं है, जब पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को परमाणु मैटेरियल बेचा हो। पाकिस्तान पर कई बार ईरान और साउथ कोरिया को परमाणु सामान बेचने के आरोप लग चुके हैं। 1990 से 1998 के बीच पाकिस्तान ने पहली बार उत्तर कोरिया को परमाणु तकनीक बेची थी। तब से लेकर ये सिलसिला अब तक जारी है।

एक तरफ दुनिया के ताकतवर देशों के नेता चीन में जी-20 की बैठक कर रहे थे, तो दूसरी तरफ दुनिया की नाक में दम करने वाला उत्तर कोरिया अपनी बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा था।

- इस दौरान उसने एक के बाद एक तीन बैलेस्टिक मिसाइलें। - इतना ही नहीं किम इस साल कई मिसाइल परीक्षण कर चुका है। - करीब एक महीने पहले 24 अगस्त को भी उसने मिसाइल टेस्ट किया था। - तब पनडुब्बी के माध्यम से बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने किम को जो परमाणु मैटेरियल उपलब्ध कराए हैं वो दरअसल चीन के हैं। चाइना की एटामिक एनर्जी अथॉरिटी को एक लिखित शिकायत मिली थी। चीन की ओर से इस खबर को दबा दिया गया क्योंकि अगर ये खबर फैल जाती तो चीन की पाकिस्तान के एनएसजी ग्रुप में शामिल करवाने की कोशिशों को झटका लगता, लेकिन साउथ कोरिया से ये खबर लीक हो गई और पश्चिमी देशों तक पहुंच गई।

खबरों के मुताबिक पाकिस्तान उत्तर कोरिया को चीन को ऐसे उपकरण दे रहा है जो परमाणु हथियार बनाने में सीधे मददगार हैं और ये सभी उपकरण चीन से पाकिस्तान को मिले हैं।

अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक... - 2012 से 2015 के बीच उत्तर कोरिया के दो डिप्लोमेट 8 बार पाकिस्तान जा चुके हैं। ये दोनों डिप्लोमेट तेहरान में नॉर्थ कोरिया एंबेसी में तैनात हैं। - इन दोनों डेप्लोमेट ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर कार्यक्रम में लगे कई अधिकारियों से मुलाकात की। ये मुलाकात इस्लामाबाद और कराची में हुई। - पाकिस्तान और उत्तर कोरिया के बीच टेक्नॉलिजी का लेन-देन कोई नई बात नहीं है। पाकिस्तान पर उत्तर कोरिया को पहले भी न्यूक्लियर टेक्नॉलिजी बेचने के आरोप लगते रहे हैं। - पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पितामह अब्दुल कादिर खान खुद भी इस बात का खुलासा कर चुके हैं। - कोरिया ने 1985 में परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए थे, इसलिए वो वह परमाणु हथियार डेवलप नहीं कर सकता था। - 1996 में उसने पाकिस्तान के साथ एक समझौता किया। समझौते के मुताबिक पाकिस्तान ने लंबी दूरी की मिसाइल की तकनीकी उत्तर कोरिया से ली, बदले में उसे परमाणु तकनीक उपलब्ध कराई।