पनामा पेपर्स मामले में नवाज शरीफ की जांच के लिए जेआईटी का गठन

नई दिल्ली ( 6 मई ): पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एवं उनके परिवार के कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए शुक्रवार को छह सदस्यीय संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन कर दिया। न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने कई विभागों द्वारा सौंपे गए नामों की समीक्षा की।


जेआईटी 60 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करेगी, हालांकि जरूरत पड़ने पर उसे अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। न्यायालय ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के अतिरिक्त निदेशक वाजिद जिया को जेआईटी का प्रमुख नियुक्त किया है। सेना खुफिया सेवा के ब्रिगेडियर कामरान खुर्शीद, पाकिस्तान स्टेट बैंक के आमिर अजीज, प्रतिभूति विनिमय आयोग के कार्यकारी निदेशक बिलाल रसूल, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के निदेशक इरफान नईम मंगी और आईएसआई के ब्रिगेडियर मुहम्मद नोमान सईद इस जेआईटी के सदस्य हैं।


जेआईटी देश की शीर्ष अदालत को हर पखवाड़े प्रगति रिपोर्ट सौंपेगी। बीते 20 अप्रैल के अपने आदेश में न्यायालय ने पनामा मामले की जांच के लिए जेआईटी के गठन का आदेश दिया था। शरीफ को राहत देते हुए न्यायालय ने कहा था कि इसके पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि उनको पद से हटाया जाए।