मुल्ला मंसूर का खात्माः अमेरिका के बाद पाकिस्तान ने ईरान से लिया पंगा

नई दिल्ली (25 मई): मुल्ला मंसूर उर्ऱ चमन के मारे जाने से बेनकाब हुआ पाकिस्तान अब खिसियानी बिल्ली की तरह व्यवहार कर रहा है। मुल्ला मंसूर को मारे जान के लिए जहां वो अभी तक अमेरिका से भिड़ रहा था वहीं अब उसने ईरान के भी पंगा ले लिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि मुल्ला मंसूर उर्फ चमन ईरान से पाकिस्तान में घुसा था। पाकिस्तान अपने ऊपर आतंकवादियों को प्रश्रय दिये जाने के आरोपों से बचने के लिए अरब देशों के अलावा पश्चिम के देशों में अब ये नया शिगूफा छोड़ रहा है कि पाकिस्तान अब अंडर अटैक है और अमेरिका उस पर लगातार हमले कर रहा है।

यह शिगूफा छोड़ कर वो मुख्य मुद्दे से दुनिया का ध्यान बांटने का प्रयास कर रहा है। उधर अमेरिका ने कहा है कि हम सभी देशों के सम्प्रभुता का सम्मान करते हैं, लेकिन हमने यह भी संकल्प लिया है कि आतंकवादी जहां भी होंगे हम उन्हें मारेंगे। अमेरिकी सरकार के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ड्रोन हमले में पाकिस्तान के किसी नागरिक या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। वो हमारा मित्र देश है और आतंकवाद के खिलाफ मिल कर लड़ाई का हमारा परस्पर समझौता है।

इन परिस्थितयों में किसी आतंकवादी को मारना संप्रभुता का उल्लंघन कैसे हो सकता है। एक पाकिस्तानी अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि तालिबान नेता मुल्ला मंसूर का नाम पाकिस्तान की वोटर लिस्ट में है, वहां उसको चमन लिखा गया है। इसी तरह और भी बहुत से तालिबानियों के नाम पाकिस्तान की वोटर लिस्ट में है। पाकिस्तान को इस बात का भय है कि अमेरिका उसके यहां शरण पाये बाकी आतंकियों को निशाना न बानाना शुरु कर दे। इसलिए अब वो आतंकियों को मारे जाने पर खुद को 'अंडर अटैक'बता रहा है।