पाकिस्तान ने अपने यहां चीनी करंसी के इस्तेमाल की मांग ठुकराई

नई दिल्ली (21 नवंबर): चीन को उसका सबसे पक्का दोस्त पाकिस्तान ने बड़ा झटका दिया है। पाकिस्तान ने चीन की उस मांग को ठुकरा दिया है जिसमें उसने पाकिस्तान से ग्वादर फ्री जोन में चीनी करंसी के इस्तेमाल की मांग की थी। पाकिस्तान ने चीन से कहा है कि पाकिस्तानी क्षेत्रों में चीनी मुद्रा का बेरोकटोक चलन उसकी आर्थिक संप्रभुता के साथ समझौता करने जैसा होगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक सीपेक से संबंधित शीर्ष संस्था संयुक्त सहयोग समिति (जेसीसी) की मीटिंग से पहले पाकिस्तान और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई है जहां पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है। रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि चीन अपनी मुद्रा रेन्मिन्बी (युआन का आधिकारिक नाम) को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बनाने की नीति के तहत चाहता था कि पाकिस्तान के कुछ विशेष हिस्सों में इसका प्रचलन हो।

इस्लामाबाद ने चीन से कहा था कि वह 60 अरब डॉलर के CPEC प्रॉजेक्ट से इस डैम प्रॉजेक्ट को बाहर रखे और इसे पूरी तरह पाकिस्तान को ही बनाने दे। गौरतलब है कि यह प्रॉजेक्ट PoK में स्थित है जिस पर भारत अपना दावा करता है।  माना जा रहा है कि चीन भविष्य के जोखिम को देखते हुए पाकिस्तानी रुपया या अमेरिकी डॉलर में अपनी मुद्रा रखना नहीं चाहता।