भारत की जवाबी कार्रवाही से घुटने पर आया पाकिस्तान, कहा भारत से बिना शर्त बातचीत को तैयार

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (28 नवंबर): भारतीय सेना ने पाकिस्तान की कायराना हरकत का जिस बहादूरी के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया है। उसने पाकिस्तान के हुक्मरानों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। पाकिस्‍तान बिना किसी शर्त भारत से बातचीत को तैयार है। जी हां, सही सुना पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है। यह कहना है भारत में पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त अब्‍दुल बासित का। सोमवार को एक न्‍यूज चैनल से बातचीत के दौरान बासित ने यह बात कही है। पाक उच्चायुक्त बासित ने कहा- उनका देश भारत के साथ किसी भी समय बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार है, पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत के द्वारा ही रिश्ते सुधारने की दशा में आगे बढ़ना चाहता है। गौरतलब है कि पाकिस्तान अब तक शर्त के सात बातचीत की मांग करता रहा है यही नहीं कश्मीर के अलगाववादियों को भी बातचीत में शामिल करने की जिद भी करता रहा है। जबकि शिमला समझौते में साफ है कि भारत-पाक बातचीत में तीसरा पक्ष मंजूर नहीं होगा।

भारत की जवाबी कार्रवाही के बाद डरा पाक- 22 नवंबर को पाकिस्तान की फायरिंग में तीन भारतीय जवान माछिल सेक्टर में शहीद हो गए थे। एक जवान के शव के साथ बर्बरता भी की गई थी। जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया, भारतीय सेना ने पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाकर 120mm के भारी मोर्टार और मशीन गनों से केल, पुंछ, रजौरी और माछिल सेक्टर में भारी गोलाबारी की, जिसमें पाकिस्तानी सेना के कैप्टन समेत तीन जवानों को ढेर हो गए और आठ चौकियां पूरी तरह तबाह हो गई थीं। इसके बाद पाकिस्तान इतना घबरा गया कि पाक सेना के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ के साथ हॉट लाइन पर तुरंत बात करने की गुजारिश की। 

जवाबी कार्रवाही से पहले सरताज अजीज ने भी कश्मीर को शामिल करने की मांग की थी- दिसंबर में होने वाली हार्ट ऑफ एशिया समिट में शिरकत करने के लिए भारत आने से पहले नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पाकिस्तानी संसद में बयान देते हुए कहा था कि हम अपनी सीमा को सुरक्षित रखने में पूरी तरह समर्थ हैं और हम किसी सूरत में भारत का वर्चस्व स्वीकार नहीं करेंगे। हम इस शर्त पर बातचीत के लिए तैयार हैं कि उसमें कश्मीर मुद्दे को भी शामिल किया जाए। 

मोदी सरकार बनने के बाद पाकिस्तान के कब-कब हुई बातचीत... मई 2014 : पहली मुलाकात26 मई को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में नवाज शरीफ शामिल। PM मोदी ने PM शरीफ की मां के लिए तोहफे में शॉल दी। अगस्त (फॉरेन सेक्रेटरी बातचीत रद्द) :पाक हाईकमिश्नर अब्दुल बासित की कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात, इस्लामाबाद में बातचीत रद्द। नवंबर : दूसरी मुलाकात PM मोदी-नवाज नवंबर में सार्क समिट के दौरान मिले। लेकिन दोनों के बीच औपचारिक बातचीत नहीं हुई। मार्च 2015 : फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर ने पाकिस्तान के फॉरेन सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी से मुलाकात की। 10 जुलाई : तीसरी मुलाकात ऊफा (रूस) में PM मोदी-शरीफ के बीच 8 महीने बाद मुलाकात हुई, एनएसए और डीजीएमओ लेवल की बातचीत भी तय हुई। 12 जुलाई : ऊफा समझौते से मुकरा पाकिस्तान, एनएसए सरताज अजीज ने कहा कश्मीर नहीं तो बातचीत नहीं। अगस्त : एनएसए बातचीत से पहले पाक हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने कश्मीरी अलगाववादियों को न्योता भेजकर 23 अगस्त को दावत पर बुलाया। 22 अगस्त (NSA बातचीत रद्द) :भारत-पाकिस्तान के बीच रविवार-सोमवार को होने वाली एनएसए लेवल की मीटिंग 4 दिन के सस्पेंस के बाद रद्द। सितंबर : बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच दिल्ली में बातचीत। सितम्बर : एलओसी (पुंछ के चक दा बाग) पर हुई भारत और पाक की ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग। 29 सितंबर :US में PM मोदी-नवाज का आमना-सामना, दूर से हुई दुआ-सलाम, हाथ हिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। 27 नवंबर :दो महीने में पाक का यू-टर्न: माल्टा में कॉमनवेल्थ देशों की समिट में PM नवाज शरीफ ने कहा- हम बिना शर्त भारत से बात करने को तैयार। 30 नवंबर : चौथी मुलाकात जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान पेरिस में PM मोदी से नवाज शरीफ की मुलाकात। 6 दिसंबर (NSA बातचीत) :दोनों देशों के NSA बैंकाक में मिले, अजीत डोवाल और नसीर जांजुआ के बीच बात हुई। 8 दिसंबर (सुषमा स्वराज की पाकिस्तान यात्रा) :पाकिस्तान पहुंचीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा- रिश्ते बेहतर बनाने का पैगाम लेकर आई हूं। 25 दिसंबर : पांचवी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को अफगानिस्तान से लौटते वक्त अचानक पाकिस्तान पहुंचे। लाहौर में 2 घंटे 40 मिनट रुके। 2 जनवरी 2016 : पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हमले में 9 सुरक्षा कर्मी शहीद। 15 जनवरी : सचिव लेवल की बातचीत 15 जनवरी को इस्लामाबाद में होनी थी। लेकिन पठानकोट अटैक के बाद रद्द हो गई। 17 मार्च : सार्क देशों के समिट के दौरान दोनों देशों के विदेश सचिव मिले। 26 अप्रैल : दोनों देशों के विदेश सचिवों में पठानकोट हमले के बाद पहली बार नई दिल्ली में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता हुई।