'यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद' के नाम से कुख्यात मदरसे को पाकिस्तान ने दिए 30 करोड़ रुपए

नई दिल्ली (19 जून): पाकिस्तान पर हमेशा ही आतंकवाद को शह देने के आरोप लगे हैं। लेकिन इसकी इसी तरह की एक और हरकत का खुलासा हुआ है। 

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की खैबर-पख्तूनख्वा सरकार ने 'यूनिवर्सिटी ऑफ जिहाद' के नाम से कुख्यात मदरसे को 30 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है। इस मदरसे का सीधा संबंध अफगान तालिबान से बताया जाता है। जिसे दारुल उलूम हक्कानिया के नाम से भी जाना जाता है।

अफगान तालिबान के कई नेता इस मदरसे से शिक्षा प्राप्‍त कर चुके हैं, जिनमें तलिबान का पूर्व सरगना मुल्ला उमर भी शामिल है। खैबर-पख्तनख्वा के मंत्री शाह फरमान ने विधानसभा में कहा, "मैं गर्व के साथ इस बात की घोषणा करता हूं, कि दारूल उलूम हक्कानिया नौशेरा को अपने वार्षिक खर्चों के लिए 30 करोड़ रुपए मिलेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार खैबर पख्तूनख्वा में धार्मिक संस्थाओं को निशाना नहीं बना रही है बल्कि उनके साथ सहयोग और उन्हें वित्तीय मदद दे रही है।