नवाज पर मामला दर्ज करने की सिफारिश

नई दिल्ली(12 जुलाई): पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को अपने करीबी सहायकों से मुलाकात की ताकि पनामा गेट मामले में एक जांच समिति की रिपोर्ट के कानूनी और राजनैतिक प्रभावों पर रणनीति तैयार की जा सके। जांच समिति ने शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।


- छह सदस्यीय संयुक्त जांच दल (JIT) शरीफ परिवार के व्यापारिक लेनदेन की जांच की और अपनी 10 खंडों वाली रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी।


- उसने सिफारिश की कि शरीफ और उनके बेटे हसन नवाज और हुसैन नवाज के साथ-साथ उनकी बेटी मरियम नवाज के खिलाफ भी राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) अध्यादेश, 1999 के तहत भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में पाया गया कि शरीफ और उनके बच्चों के पास आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति है।


- रिपोर्ट को हालांकि शरीफ सरकार ने खारिज कर दिया। शरीफ के करीबी सहयोगी और विकास मामलों के मंत्री अहसान इकबाल ने अन्य मंत्रियों के साथ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट को चुनौती देंगे और 'पूरी तरह इसके विरोधाभास और झूठ' का खुलासा करेंगे।' शरीफ ने अपने खिलाफ उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट के कानूनी और राजनैतिक नतीजों से निपटने के लिये एक नीति बनाने के लिये पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और वफादारों के साथ आज सलाह मशविरा किया।


- शरीफ JIT की रिपोर्ट आने के बाद कानूनी और राजनैतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उनकी किस्मत सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है, जो दलीलों पर सुनवाई करेगी और आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।