भूखे पाकिस्तान के #PMSharif की लंदन शॉपिंग, #Pakistan में मचा हंगामा... जानिए कंगाल PAK की INSIDE STORY

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (27 सितंबर) : एक तरफ पाकिस्तान की जनता गरीबी और भूखमरी से लाचार परेशान है वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को कोई फर्क नहीं पड़ता। वो तो लंदन में मजे से शॉपिंग कर रहे हैं। एक तरफ पाकिस्तान में आतंकवाद, खराब कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई चरम पर है। वहीं दूसरी तरफ पाक पीएम लंदन के हाईफाई फैशन रिटेल स्टोर हैरोड्स में खरीदारी कर रहे हैं। एक तरफ पाकिस्तान कर्ज में डूबा है जहां कर्ज चुकाने के लिए सरकार कर्ज लेती है। वहीं दूसरी तरफ पाक पीएम लंदन में गुची के स्टोर में महंगे-महंगे जूते खरीद रहे हैं। जी हां पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ साहब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना बेहूदा भाषण देने के बाद पाकिस्तान जाने के जगह लंदन चले गए हैं। जहां महंगी-मंहगी शॉपिंग कर रहे हैं। इसका खुलासा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने खुद किया है। इमरान ने ट्वीट कर लिखा पूर्वी सीमा और नियंत्रण रेखा पर तनाव का माहौल है, जबकि प्रधानमंत्री लंदन में छुट्टियां मना रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान की पीएम नवाज शरीफ फैशन के शौकीन माने जाते हैं। साल में कम से कम चार से पांच बार लंदन शॉपिंग के लिए आते हैं। इसी साल अप्रैल और जून में लंदन में शॉपिंग करते उनकी तस्वीरें वायरल हुईं थी। नवाज शरीफ घड़ि‍यों के भी शौकीन हैं। वे हैरी विंसटन की 10 लाख रुपये की लग्‍जरी घड़ी कलाई पर बांधते हैं, जिसकी पाकिस्‍तान में कीमत करीब 16 लाख 68 हजार है। 

सूखी रोटी खाकर भी भारत को करारा जवाब देने के सपने देखने वाले 'शरीफ' ने क्या कर रखी है पाकिस्तान की हालत, जानिए... - आतंकवाद, खराब कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई पाकिस्तान में चरम पर है। - पाकिस्तान सरकार की माली हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। - पाकिस्तान में एक लीटर दूध की कीमत भारत से दुगनी है 80 से 90 रूपए प्रति लीटर। - ग्रीस की तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी उधार पर आधारित हो गई है। - घर खरीदना हो तो उधार लो, पढ़ाई करनी हो तो उधार लो, कर्ज की किश्त चुकानी हो तो उधार लो। - इसकी दो बड़ी वजह है एक इकोनॉमी को मजबूत करने से ज्यादा हथियारों पर खर्च करना। - दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज। - पाकिस्तान की 98 फीसदी आबादी टैक्स नहीं देती, यहां तक की 2/3 से ज्यादा सांसद भी टैक्स नहीं देते। - कुल टैक्स रेवेन्यू का 68 फीसदी अप्रत्यक्ष टैक्स से आता है, जिसके कारण और गरीबी बढ़ रही है। - इंग्लैंड के एक NGO का दावा है उधार के चलते आज पाकिस्तान के सामने अस्तित्व का सवाल खड़ा हो गया है। - रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई दशकों से अर्थव्यवस्था कॉमर्शियल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लोन के सहारे चल रही है। - पाकिस्तान कुल 232 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है। - हर साल उसे कुल टैक्स रेवेन्यू का 44 फीसदी बतौर ब्याज चुकाना पड़ता है। - जब भी रेवेन्यू में कम होता है तो पाक IMF और विश्व बैंक की तरफ देखता है। - दूसरा दुनियाभर से लिया गया 163 बिलियन डॉलर यानी 17 ट्रिलियन रुपये का कर्ज। - हर साल पाकिस्तान को 50 बिलियन डॉलर का कर्ज चुकाना होता है।  - भारतीय रुपए में ये रकम 3 लाख, 40 हजार करोड़ रुपए बनती है  - पाकिस्तान का कुल बजट 8 लाख 43 हजार करोड़ रुपए का है। - हर पाकिस्तान के ऊपर 1 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज है। - कर्ज की किश्त चुकाने के लिए भी पाकिस्तान ने कई बार कर्जा लिया है।  - 2013 में इसकी किश्त चुकाने के लिए पाकिस्तान IMF से 7 बिलियन डॉलर का कर्जा ले चुका है।  - अमेरिका चीन समेत दुनिया के कई देश आतंकवाद को खत्म करने के लिए पाकिस्तान को पैसे देते हैं। - लेकिन पाकिस्तान इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ Proxy War, आंतकवाद को बढ़ावा देने में करता है। - ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान को 175 देशों में 126 नंबर पर रखा है। - अंतरराष्ट्रीय आर्थिक खुफिया यूनिट ने पाकिस्तान को दुनिया के 10 अस्थिर देशों की लिस्ट में रखा है।