जो कश्मीर समस्या को सुलझाए, वही नोबेल शांति पुरस्कार का सही हकदार: इमरान खान

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 मार्च): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए वे अपने आप के उपयुक्त नहीं मानते। उनका कहना है कि कश्मीर समस्या का समाधान तलाश करने वाले व्यक्ति को यह पुरस्कार मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इस समस्या का हल होने के बाद ही उपमहाद्वीप में शांति और मानवीय विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब नोबेल शांति पुरस्कार के बहाने कश्मीर राग अलापा है। नोबेल के लिए अपना नाम भेजे जाने के प्रस्ताव पर इमरान का कहना है कि वह इसके काबिल नहीं है। यह पुरस्कार उसे मिलना चाहिए, जो कश्मीर के लोगों की इच्छा के अनुरूप कश्मीर समस्या का हल करे और शांति कायम करे।

भारत के कूटनीतिक प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण इमरान ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को तीन दिन के भीतर भारत को सौंप दिया था। इमरान और उनके समर्थक इस कदम को उनकी अच्छाई साबित करने में लगे हैं। उनका कहना है कि इमरान ने शांति बहाली के लिए यह कदम उठाया। इसी को आधार बनाते हुए पाकिस्तान की संसद में दो मार्च को प्रस्ताव लाया गया था। इसमें कहा गया कि इमरान ने बहुत जिम्मेदारी से कदम उठाया और वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं।

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता सैय्यद खुर्शीद शाह ने दुख जताया है कि उपमहाद्वीप में अभी भी जंग के हालात बने हुए हैं और सत्तारूढ़ पार्टी के नेता इमरान को नोबेल पुरस्कार देने का अभियान चला रहे हैं। उन्होंने अभिनंदन को रिहा करने की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए हैं।

भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के अगले ही दिन पाकिस्तान के लड़ाकू जहाज भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे। IAF ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन 27 फरवरी को सुबह करीब दस बजे पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर प्लेन का पीछा करते हुए पाकिस्तान की सीमा में जा घुसे थे। पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराने के बाद अभिनंदन का विमान भी क्रैश हो गया। इस वजह से उन्हें किसी तरह पैराशूट की मदद से उतरना पड़ा। बाद में करीब 60 घंटे बाद पाकिस्तान ने उन्हें रिहा किया।