पाकिस्तानियों से नफरत करता है इजराइल, अपने देश में कदम तक नहीं रखने देता


नई दिल्ली(4 जुलाई): भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल दौरे पर जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को देखते हुए पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल पहुंच रहा है। लेकिन क्या आप जानते जिस देश पीएम मोदी जा रहे हैं वहां पाकिस्तान का कोई नागरिक कदम तक नहीं रख सकता।


- असल में इजरायल एक ऐसा देश है जो अपने वतन की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जा सकता है। इजरायल ने आतंकियों को खत्म करने के लिए ऐसे ऐसे उदाहरण पेश किए हैं जो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। इजरायल के चारों तरफ दुश्मन ही दुश्मन है जो किसी भी तरीके से इजरायल को खत्म करना चाहते हैं लेकिन आज के समय में इजरायल इतना ताकतवर देश है कि उससे टकराने की हिम्मत कोई और नहीं कर सकता।


- इसराइल के लोग और वहां की सरकार पाकिस्तानी जनता से काफी नफरत करती है। पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ शब्दों में लिखा होता है कि यह पासपोर्ट इसराइल को छोड़कर सभी देशों में मान्य है।


- 1948 की बात है, इजराइल के तब के प्रधानमंत्री डेविड-बेन-गुरियन ने अपने देश को UN में शामिल कराने के लिए पाकिस्तान का समर्थन चाहते थे। इसके लिए उन्‍होंने आजाद पाक के मुहम्मद अली जिन्ना को संपर्क किया था लेकिन जिन्ना ने चुप्‍पी साध ली।


- हालांकि इसके बाद भी इजराइल, पाकिस्‍तान से व्‍यापार रिश्‍ते बढ़ाना चाहता था। लेकिन पाकिस्‍तान विदेश मंत्री सर जफरुल्ला खान ने 1952 में अरब के देशो में एकता और इजराइल के खिलाफ अपनी कट्टरपंथी नीति को समर्थन कर दिया। पाकिस्‍तान की यह नीति इजराइल को नागवार गुजरी।