66 साल बाद पाकिस्तान ने पास किया हिंदू मैरेज बिल

नई दिल्ली (27 सितंबर): आखिरकार 66 साल के बाद पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदु समुदाय को थोड़ी राहत जरूर मिली है। यहां की संसद ने कई दशकों से लंबित पड़े हिंदू मैरेज बिल को आखि‍रकार पारित कर दिया।

इस बिल के पारित होने से अब पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय हिंदुओं से जुड़े अहम मसलों को कानूनी जामा पहनाया जा सकेगा। इस बिल में हिंदुओं की शादी, परिवार, मां और बच्चे को सुरक्षा प्रदान करने की बात की गई है।

नए बिल के कानून बनने के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं की शादियों का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। बीते 66 सालों से यहां हिंदुओं की शादी रजिस्टर्ड नहीं होती थी, इससे यह समुदाय बेहद असुरक्षित महसूस करता था। इनके अलावा तलाक और जबरन धर्मपरिवर्तन जैसे मसलों का आसानी से समाधान निकाला जा सकेगा। अब तक यहां हिंदू समुदाय के लोगों खासकर महिलाओं को अपनी शादी को साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं होता था।

इनके अलावा यह समुदाय पुनर्विवाह, संतान गोद लेने और उत्तराधि‍कार जैसे कानूनी अधिकारों से वंचित था। नए कानून से अब पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं के अपहरण की घटनाओं पर भी लगाम लगने की उम्मीद है। पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी वहां की जनसंख्या का महज 2 फीसदी है। 1998 की जनगणना के मुताबिक पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी करीब 25 लाख थी।