पाकिस्तान ने ऐसा क्या किया जो दुनिया में और किसी ने नहीं किया

नई दिल्ली (23 फरवरी): पाकिस्तान की संसद मंगलवार को दुनिया की पहली ऐसी संसद बन गई है, जो पूरी तरह से सोलर पॉवर से चलेगी। यह वेंचर सहयोगी चीन की तरफ से 55 मिलियन डॉलर (3.77 अरब रुपए) की फंडिंग से पूरा किया गया है। 

'इकॉनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने राजधानी इस्लामाबाद में एक साधारण से आयोजन में सोलर पॉवर से चलने वाली बिल्डिंग का स्विच ऑन किया। इस वेंचर की घोषणा 2014 में की गई थी। जिसके लिए चीनी सरकार ने दोस्ती के नाते फंडिंग की। सोलर पॉवर प्लांट के लिए 55 मिलियन डॉलर का खर्चा आता है।

उन्होंने एक भाषण के दौरान कहा, "यह आज़ादी के बाद पहली बार है, जब संसद सोलर पॉवर के जरिए बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो गई है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के दूसरे संस्थानों को भी इसी तरह के कदम उठाने चाहिए।" संसद को सोलर पॉवर से चलाने का प्रोजेक्ट पिछले साल शुरू किया गया था। जब चीनी राष्ट्रपति सी जिंगपिंग ने संसद का दौरा कर भाषण दिया था। चीन ने प्रोजेक्ट के लिए 55 मिलियन डॉलर की मदद की।

शरीफ ने कहा, "यह पाक-चीन दोस्ती का एक और उदाहरण है।" इस मौके पर चीनी राजदूत भी मौजूद रहे। नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज़ सगीक के मुताबिक, संसद के सोलर पैनल्स 80 मेगावॉट बिजली पैदा करेंगे। उन्होंने बताया कि 62 मेगावॉट बिजली संसद के लिए पर्याप्त रहेगी, जबकि, 18 मेगावॉट नेशनल ग्रिड को दे दी जाएगी। पाकिस्तान की संसद विश्व में पहली ऐसी संसद बन गई है जो पूरी तरह सोलर पॉवर पर चलेगी। अधिकारियों ने बताया कि दुनिया में कुछ दूसरी भी संसद हैं, जैसे इस्त्राइल जहां सोलर पॉवर का आंशिक तौर पर इस्तेमाल होता है।