आतंकी हाफिज सईद की हिरासत नहीं बढ़ाएगा पाकिस्तान

लाहौर (14 अक्टूबर): दुनिया भर में अपनी आतंकी करतूत की वजह से टेररिस्तान के नाम से मशहूर पाकिस्तान का दोहरा चेहरा सामने आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की तरफ से आतंकवाद को लेकर बढ़ रहे दबाव के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। दुनिया को दिखाने के लिए तो पाकिस्तान ने हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए मान्यता देने से इनकार कर दिया लेकिन जब मुंबई हमले के मामले में इसके खिलाफ सबूत देने की बात सामने आई तो वहां के हुक्मरानों ने कुछ नहीं किया। 

पाकिस्तान सरकार ने जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी कानून के तहत हिरासत बढ़ाने का आग्रह वापस ले लिया है। मुंबई पर आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता 24 अक्टूबर तक हिरासत में है। सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था अध्यादेश 1960 के तहत सईद और उनके चार सहयोगियों की हिरासत बढ़ाई जा चुकी है। इसलिए इन लोगों को आतंकवाद रोधी कानून के तहत नजरबंद रखने की जरूरत नहीं है।

31 जनवरी को सईद और उसके चार सहयोगियों को पंजाब सरकार ने आतंकवाद रोधी अधिनियम 1997 के तहत हिरासत में लिया था। तभी से सभी नजरबंद है। पंजाब प्रांत के गृह विभाग के एक अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एजाज अफजल खान की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय संघीय न्यायिक समीक्षा बोर्ड को बताया कि सईद और उसके चार साथियों की हिरासत बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

अधिकारी ने कहा, 'प्रांतीय सरकार को सईद और उसके साथियों अब्दुल्ला उबैद, मलिक जफर इकबाल, अब्दुल रहमान आबिद और काजी काशिफ हुसैन की हिरासत आतंकवाद रोधी कानून के तहत बढ़ाने की जरूरत नहीं है। इसलिए अर्जी वापस ली जा रही है।' सरकार की दलील स्वीकार करते हुए बोर्ड ने मामले का निपटारा कर दिया।