INSIDE STORY: युद्ध की आहट से डरा PAK, इस्लामाबाद में उड़ाए #FighterPlane, भारत भी मुंह तोड़ जवाब देने को तैयार...

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (23 सितंबर): पाकिस्तान बार बार मुंह की खाने के बाबजूद सबक लेने को तैयार नहीं है। लगता है पाकिस्तान 1965, 1971 और कारगिल वार को भूल गया है। भूल गया कैसे 1965 में लाहौर पर तिरंगा लहराया था भारतीय सेना ने। भूल गया कैसे 1971 में भारत ने पाकिस्तान के कर दिए थे दो टुकड़े। भूल गया कैसे 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को भारत के सामने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। भूल गया कारगिल से कैसे डर के भागा था पाकिस्तान। पाकिस्तान सब भूल गया, शायद इसलिए पांचवीं बार मुंह की खाने के लिए तैयारी कर रहा है। भारत में घुसने की हिम्मत नहीं तो इस्लामाबाद में ही फाइटर प्लेन उड़ाकर धौंस दिखा रहा है। पाकिस्तानी सेना डराने जा रही थी भारत को लेकिन खौफजदा कर दिया अपनी ही जनता को।

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने कल एक ट्वीट किया कि इस्लामाबाद पर रात करीब 10.20 बजे F-16 लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा गया। हामिर मीर ने एक न्यूज चैनल को बताया, इस्लामाबाद के करीब हाईवे के पास दोपहर लड़ाकू विमान लैंड करने की खबरें आयी थी। मैं जब ऑफिस से घर आया तो आसमान में चार लड़ाकू विमान उड़ रहे हैं। ये विमान रोशनी के कुछ गोले फेंक रहे हैं। गुरुवार रात जंग की आशंका से घबराकर सैकड़ों लोग इस्लामाबाद में सड़कों पर आ गए। इस घटना को पाकिस्तानी मीडिया वॉर से पहले की प्रेक्टिस के तौर पर देख रहा है। एक दूसरे पाकिस्तानी पत्रकार जावेद सिद्दीकी ने ट्विटर पर F-16 लड़ाकू विमानों की प्रेक्टिस के वीडियो भी शेयर किए हैं।

कल रात क्या हुआ इस्लामाबाद के आसमान में...

- गुरूवार रात इस्लामाबाद के आसमान में F-16 फाइटर प्लेन उड़ते दिखाई दिए। - कई पाकिस्तानी जर्नलिस्टों और आम जनता ने सोशल मीडिया पर डाली तस्वीरें। - पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर ने इसे जंग से पहले की प्रैक्टिस कहा।  - हामिद मीर के मुताबिक, 4 फाइटर प्लेन रात में 10.20 बजे उड़ते नजर आए।  - इसके लिए पाकिस्तानी वायुसेना ने हाईवे को ही रनवे बना दिया था।  - हामिद ने कहा कि इस्लामाबाद में फाइटर प्लेन उड़ने से डर का माहौल है। - वहीं पाकिस्तानी एयरफोर्स ने इसे रूटीन एक्सरसाइज बताया। - PAF की हर पांच साल पर होने वाली एक एक्सरसाइज करार दिया। - पाकिस्तान को डर है कि भारत उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।  - इसके लिए पाकिस्तान की सेना को हाई अलर्ट कर दिया गया है। - इस्लामाबाद-लाहौर और इस्लामाबाद-पेशावर हाईवे फिलहाल बंद कर दिया गया है। 

Indian Army भी मुंह तोड़ जवाब को तैयार...

- उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव काफी बढ़ गया है।  - पाक की तैयारियों के बीच भारत भी 778 किमी लंबी LoC पर अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। - भारतीय सेना, कश्मीर में भारी और मध्यम स्तर की आर्टिलरी तैनात कर रही है। - सेना के शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है। - हालांकि सेना के मुताबिक ये बर्फ पड़ने से पहले उसकी हर साल की तैयारी में शामिल है। - LoC पर बोफोर्स, 105 मध्यम आर्टिलरी और अन्य तरह के उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। - सेना को सूचना मिली है कि आतंकी सीमा पार से घुसपैठ की तैयारी में है।

War हुई तो टिक नहीं पाएगा पाकिस्तान...

- भारतीय वायुसेना की ताकत पाकिस्तानी वायुसेना से कई गुना ज्यादा है।  - जहां भारत के पास 1.5 लाख संख्या बल हैं वहीं पाक के पास सिर्फ 65 हजार। - इंडियन एयरफोर्स के पास 2086 फाइटर प्लेन हैं, वहीं पाक के पास सिर्फ 923 हैं। - पाकिस्तानी जिन F-16 फाइटर प्लेन के बूते वह दम भरता है, वे 26-27 साल पुराने हैं। - अमेरिका ने आधुनिक F-16 फाइटर प्लेन पाकिस्तान को देने से मना कर दिया है। - पाक के एफ-16 का जवाब हमारे पार अत्याधुनिक सुखोई, जगुआर और मिग प्लेन हैं।  - हमारे फाइटर प्लेन में सबसे खतरनाक है 4.5 जनरेशन के 200 सुखोई फाइटर प्लेन।  - फ्रांस के साथ अति आधुनिक 36 रॉफेल विमानो के सौदे को भी मंजूरी मिल गई है। - इसके अलावा भारतीय वायुसेना के बेड़े में मिराज, जगुआर, मिग-29 और मिग-27 जैसे फाइटर प्लेन भी हैं।  - दुनिया का सबसे बड़ा मिलिट्री विमान C17 ग्लोबमास्टर भी एयरफोर्स के पास है।

भारतीय वायु सेना की ताकत... 

- फ्रांस के साथ 36 रॉफेल लड़ाकू विमान की खरीद का समझौता।  - वायुसेना के पास सुखोई-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक विमान है। - भारतीय वायुसेना के पास 272 सुखोई-30 विमानों का बेड़ा मौजूद है। - बेड़े में 245 विमान मिग-21 विमान बेहद महत्‍वपूर्ण हैं। - भारतीय वायुसेना के पास 120 मिग-27 विमानों का बेड़ा भी है।  - 69 मिग-29 विमानों से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ जाती है।  - भारतीय वायुसेना 145 जगुआर लड़ाकू विमानों का भी इस्‍तेमाल करती है। - 50 मिराज-2000 लड़ाकू विमान भी भारतीय वायुसेना का महत्‍वपूर्ण अंग है। - इसके अलावा हल्‍के लड़ाकू विमान तेजस भी भारतीय वायुसेना में शामिल किया जा रहा है। - भारत में विकसित 40 स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के ऑर्डर दिए जा चुके हैं। - इसके अलावा भारत के पास बड़ी संख्या में मालवाहक विमान और हेलिकॉप्टर भी मौजूद हैं। - 10- सी-17 ग्लोबमास्टर और 5 सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस मालवाहक विमान। - 100 एएन-32, 400- एमआई हेलिकॉप्टर, 66- एचएएल ध्रुव, 65 आने वाले हैं।  - इसके अलावा 14 एचएएल चीता हेलिकॉप्टर और 74 एचएएल चेतक हेलिकॉप्टर।

राफेल की खूबियां... - हवा से हवा के साथ हवा से जमीन पर हमले के साथ परमाणु हमले में सक्षम - बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान के साथ हवा से हवा में मिसाइल दाग सकता है। - विमान में ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम, लिक्विड ऑक्सीजन भरने की जरूरत नहीं  - इलेक्ट्रानिक स्कैनिंग रडार से थ्रीडी मैपिंग कर रियल टाइम में खोज लेता है पोजीशन - नजदीकी मुकाबले के दौरान एक साथ कई टारगेट पर रख सकता है नजर - हर मौसम में लंबी दूरी के खतरे को भी समय रहते भांप सकता है - जमीनी सैन्य ठिकाने के साथ विमानवाहक पोत से भी उडमन भर सकता है - 2130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार - 3700 किमी की रेंज राफेल की - 36 से 55-60 हजार फीट तक उड़ान में सक्षम - 08-10 हवा से हवा में मारक मिसाइलें ले जाने में सक्षम - 1312 फीट के बेहद छोटे रनवे से उड़ान संभव - 01 मिनट में 55-60 हजार फीट पर पहुंच जाता है - 15,590 गैलन ईंधन ले जाने की क्षमता

सुखोई एसयू-30... - सुखोई एसयू-30 एमकेआई चौथी पीढ़ी का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है। - सुखोई दो सीटर, दो इंजन वाला मल्टीरोल (आक्रमण और रक्षा) वाला सुपरसोनिक जेट है। - सुखोई आसमान में उड़ते देख कर ही दुश्मनों के पांव डगमगाने लगते हैं।  - सुखोई 2.35 मेक यानी 2100 किमी प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकता है। - यह विमान घातक 130 एमएम की जीएचएस गन तथा 8000 किलो के आयुधों से लैस है। - परमाणु बम वहन करने की क्षमता वाले इस विमान में हवा से हवा, हवा से सतह पर मार करने वाली कई अत्याधुनिक और खतरनाक मिसाइलें भी लगी हैं। - भारतीय परिस्थितियों के अनुसार इसमें कुछ फेरबदल भी किए गए हैं।  - वर्तमान में सुखोई-30 भारतीय वायुसेना की तीन स्क्वॉड्रन 20 'लाइटनिंग', 30 'रायनों' तथा 24 'हॉक्स' तैनात हैं।  - सुखोई की खासियत इसकी आसमान में ही रिफ्यूलिंग तकनीक है। - सुखोई-30 जोधपुर एयरबेस से 2100 किमी/घंटे की रफ्तार से पांच मिनट में लाहौर पहुंच सकता है। - सुखोई-30 अपने साथ 8,000 किलोग्राम गोला, बारूद और मिसाइल ले जा सकता है।  - सुखोई की असली ताकत अत्याधुनिक रडार है, अपने रडार से यह दुश्मन विमान को निशाना बनाने में माहिर है।  - सुखोई-30 एमकेआई का लाइसेंस उत्पादन भारत में रूसी सुखोई कंपनी के साथ हुए के करार के आधार पर किया जा रहा है।  - अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान, सुखोई भारतीय वायुसेना में 1996-97 में सेवा में आया था तब भारत ने 50 सुखोई-30 विमान रूस से खरीदे थे।  - इसके बाद 2000 में हुए एक समझौते के अंतर्गत हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 140 विमान बनाने का लाइसेंस प्राप्त हुआ था। 

मिग -29... - मिग 29 विमानों से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ जाती है - मिग 29 विमान दुनियाभर में अपनी काबिलियत के लिए जाने जाते हैं।  - रूस द्वारा बनाया गया यह लड़ाकू विमान दुनिया के कई देशों की वायुसेना की शान है।  - दो इंजनों वाला यह विमान एक पायलट के साथ 1430 किलोमीटर की रफ्तार से उड़ सकता है।  - मिग-29, 30 एमएम की तोप, आर-60, आर-27 जैसी मध्यम दूरी की रेडार गाइडेड मिसाइलों से सुसज्जित है। - नए पेजाट्रन झुक-एम रेडार से लैस इस विमान में हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा इसकी क्षमता दोगुनी करती है।

मिग -27... - भारतीय वायुसेना के पास मिग -27 विमानों का बेड़ा भी है   - अन्य मिग विमानों की तुलना में मिग 27 की स्पीड कम है।  - वायुसेना इसका इस्तेमाल जमीनी हमले में करती है।  - 1885 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड से उड़ान भरने वाला यह विमान 23mm के तोप से लैस है। - इसके साथ ही यह अपने साथ 4000 किलोग्राम विस्फोटक ले जा सकता है। 

मिग -21... - भारतीय वायु सेना के बेड़े में मिग -21 विमान बेहद महत्‍वपूर्ण हैं और वायु सेने के पास ऐसे 245 विमान हैं। - रूस द्वारा बनाया गया मिग 21 अपने समय के सबसे एड्वांस विमानों में गिना जाता था।  - यह लंबे समय तक भारतीय वायुसेना के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह महत्वपूर्ण रहा है।  - हवा में दूसरे विमानों को नष्ट करना हो या जमीन पर मौजूद दुश्मनों को खत्म करना हो, यह हर काम करने में माहिर है।  - एक इंजन और एक सीट वाले मिग 21 की अधिकतम रफ्तार 2175 किलोमीटर प्रति घंटे है।  - इसमें एक 23 mm का गन और चार आर 60 मिसाइल लगे हैं। 

जगुआर...  - भारतीय वायुसेना जगुआर लड़ाकू विमानों का भी इस्‍तेमाल करती है और इसके पास ऐसे 145 विमान हैं। - 1699 किलोमीटर प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार वाला यह विमान अपने साथ 4750 किलोग्राम बम और इंधन लेकर उड़ान भर सकता है।  - दो इंजन और एक सीट वाले इस विमान में 30 mm का गन भी मौजूद है। 

मिराज- 2000...  - मिराज-2000 लड़ाकू विमान भी भारतीय वायुसेना का महत्‍वपूर्ण अंग है और ऐसे 50 विमान इसके बेड़े में शामिल हैं .  - एक इंजन और एक सीट वाला यह लड़ाकू विमान हवा में होने वाली लड़ाइयों में बहुत घातक साबित होता है।  - इसकी अधिकतम स्पीड 2336 किलोमीटर प्रतिघंटे है।  - मध्यम दूरी तक मार करने वाले 530D और कम दूरी के लिए R-550 मिसाइल के साथ यह युद्ध में तबाही लाने की ताकत रखता है।  - मिसाइलों के साथ - साथ इसमें 30 mm का तोप भी लगा है। 

भारत पाकिस्तान की सैन्य तुलना...